Jamshedpur : महिला विश्वविद्यालय (जेडब्ल्यूयू) में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कुलपति प्रो. इला कुमार ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के सिदगोड़ा और बिस्टुपुर दोनों परिसरों में बिना उचित वर्क ऑर्डर के किसी भी प्रकार के कार्य कराने और करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि कई मामलों में बिना वैध वर्क ऑर्डर के ही कार्य शुरू या पूर्ण कर दिए गए थे, जो नियमों के विरुद्ध है।कुलपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले अग्रिम वर्क ऑर्डर लेना अनिवार्य है।
ऐसा न करना सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने आम सूचना जारी कर सभी विभागों और कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं।प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि बिना वर्क ऑर्डर किए गए किसी भी कार्य के भुगतान की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय नहीं लेगा। इस निर्णय का उद्देश्य अनियमितताओं पर रोक लगाते हुए कार्य प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना है।
विवि में बिना वर्क आर्डर के हाे रहा था काम
मिली जानकारी के अनुसार प्रो. इला कुमार के कुलपति पद संभालने से पहले विश्वविद्यालय में बिना वर्क ऑर्डर के कई कार्य कराए जा रहे थे और उनका भुगतान भी किया जा रहा था। जबकि नियम के अनुसार किसी भी कार्य से पूर्व वर्क ऑर्डर जारी होना अनिवार्य होता है।मिली जानकारी के अनुसार, प्रो. कुमार के समक्ष ऐसे कई बिल भुगतान के लिए आए, जिनमें कार्य बिना वर्क ऑर्डर के किए गए थे। इसके बाद उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए इस प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी और नया आदेश जारी किया। इस निर्णय का उद्देश्य विश्वविद्यालय में कार्यों एवं खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुचिता बनाए रखना है।
कुलपति ने यह आदेश जारी किया है
सिदगोड़ा और बिस्टुपुर दोनों परिसरों में बिना वैध वर्क ऑर्डर के किसी भी प्रकार का कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय को जानकारी मिली कि कई कार्य बिना आधिकारिक अनुमति (वर्क ऑर्डर) के शुरू या पूरे किए जा रहे थे।. अग्रिम वर्क ऑर्डर लिए बिना कार्य शुरू करना सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) का सीधा उल्लंघन माना गया है। अब किसी भी कार्य की शुरुआत से पहले वर्क ऑर्डर लेना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कोई कार्य बिना वर्क ऑर्डर के किया गया, तो उसका भुगतान करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा।

