Jamshedpur : जमशेदपुर के टेल्को कॉलोनी से एक बेहद प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक स्कूली छात्रा की सूझबूझ और साहस ने वन्यजीव संरक्षण की मिसाल पेश की है। विद्या भारती चिन्मया विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा शन्वी किरण महतो (13 वर्ष) ने अपनी समझदारी से एक नन्हें उल्लू की जान बचा ली।
टेल्को कॉलोनी स्थित भुवनेश्वरी मंदिर के पास खेलते समय शन्वी की नजर कुछ कुत्तों की संदिग्ध हरकतों पर पड़ी। जब वह पास पहुंची तो देखा कि कुत्ते एक नन्हे उल्लू को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। बिना डरे शन्वी ने तुरंत कुत्तों को भगाया और सहमे हुए उल्लू को सुरक्षित अपने हाथों में उठा लिया।
जांच करने पर उसने पाया कि उल्लू उड़ने में असमर्थ है और काफी डरा हुआ है। करुणा और संवेदनशीलता दिखाते हुए शन्वी उसे अपने घर ले गई और ड्रॉपर से पानी पिलाया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उसने पूर्वी सिंहभूम के डीएफओ सबा आलम को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी।
सूचना मिलने के लगभग एक घंटे के अंदर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उल्लू का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि उल्लू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची एक में शामिल संरक्षित पक्षी है। वन विभाग के अधिकारी उत्तम महतो ने उल्लू को अपने संरक्षण में लेते हुए बताया कि बेहतर इलाज के लिए उसे टाटा जू भेजा गया है और स्वस्थ होने के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम पर डीएफओ सबा आलम ने कहा कि जमशेदपुर की जनता अब वन्य प्राणियों के प्रति जागरूक हो रही है। बच्ची का फोन आया था कि उसे एक घायल उल्लू मिला है, जिसे उसने सुरक्षित रखा और खाना-पानी दिया। समय पर सूचना मिलने से एक वन्य प्राणी की जान बच पाई।
वन विभाग ने छात्रा शन्वी किरण महतो की बहादुरी, संवेदनशीलता और जागरूकता की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।

