Jamshedpur (Jharkhand) : आज के डिजिटल युग में बच्चों का रुझान मोबाइल और कंप्यूटर की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे किताबों से उनकी दूरी बढ़ती जा रही है। इसी चिंता को समझते हुए जमशेदपुर की संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन पिछले चार सालों से एक सराहनीय काम कर रही है। यह संस्था लगातार मुफ्त में किताबें बांटकर बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा दे रही है।
इसी प्रयास के तहत रविवार को शहर के सीतारामडेरा स्थित स्लैग बस्ती में फाउंडेशन ने एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान लगभग 200 बच्चों को मनोरंजक और ज्ञानवर्धक कहानियों की किताबें भेंट की गईं। संस्था की अध्यक्ष और संस्थापक मुनमुन चक्रवर्ती ने इस अवसर पर कहा कि आजकल बच्चे मोबाइल और डिजिटल मीडिया में ज्यादा व्यस्त रहते हैं, जिसका उनके पढ़ाई-लिखाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि उनकी संस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों में फिर से पुस्तक पढ़ने की आदत डालना और उन्हें साहित्य से जोड़ना है। इसी सोच के साथ स्लम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक मुफ्त में किताबें पहुंचाई जा रही हैं, ताकि वे पढ़कर ज्ञान हासिल कर सकें और उनका मानसिक विकास हो सके। इस कार्यक्रम में रेणु शर्मा, पूजा अग्रवाल, नीतू कुमारी समेत संस्था के कई सदस्य मौजूद थे, जिन्होंने बच्चों को किताबें बांटने में सहयोग किया।
संस्कृति फाउंडेशन का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है, जो बच्चों को ज्ञान की रोशनी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उम्मीद है कि इस पहल से और भी बच्चे किताबों की दुनिया में खोएंगे और अपनी कल्पना को नई उड़ान देंगे।

