Home » Jamshedpur Accident: बच्चों ने बनाए थे अलग- अलग बहाने, उन्हें क्या पता था कि सफाई देने तक का भी मौका नहीं मिलेगा, उजड़ गईं मां-बाप की दुनिया

Jamshedpur Accident: बच्चों ने बनाए थे अलग- अलग बहाने, उन्हें क्या पता था कि सफाई देने तक का भी मौका नहीं मिलेगा, उजड़ गईं मां-बाप की दुनिया

चार मासूम मन, बेफिक्र रात और रफ्तार... फिर वो हुआ जिसने सबका दिल दहला दिया। सुबह खेल के मैदान में मिलना था,पर मौत के आगोश में सो गए जमशेदपुर के चार सितारे

by Kanchan Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

​जमशेदपुर : माता-पिता की आंखों में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के अनगिनत सपने थे, लेकिन एक खामोश रात ने पलक झपकते ही सबकुछ तबाह कर दिया। सोनारी मरीन ड्राइव पर हुए एक दर्दनाक हादसे ने चार हंसते-खेलते परिवारों का दीपक हमेशा के लिए बुझा दिया।
​मरने वाले चारों युवा-वंशिका, तृषा, नमन और सार्थक-सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेल के मैदान में भी अपनी चमक बिखेर रहे थे। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था।

Read Also: Jamshedpur Accident : मरीन ड्राइव की मेन लेन पर गलत तरीके से खड़ा था ट्रक, मालिक पर होगी FIR, क्या कर रही थी गश्त करने वाली पुलिस

​झूठ, बहाने और अनहोनी की वो काली रात

​घर से निकलते वक्त किसी ने सोचा भी न था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। 17 साल की वंशिका ने अपने घर पर कहा कि वह दोस्त तृषा के घर पढ़ाई के लिए नाइट स्टे करने जा रही है। उधर, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा ने अपने पिता से कहा कि वह वंशिका के घर जा रही है। मासूम झूठ की आड़ में दोनों सहेलियां पढ़ाई का बहाना बनाकर बाहर निकल आईं।

Read Also: Jharkhand News: बेटी की मौत के बाद मंत्री दीपिका के आवास पर सन्नाटा, सांत्वना देने पहुंचे CM हेमंत सोरेन व कल्पना

​इस बीच सार्थक के घर पर केवल दादी थीं। अपने पापा की स्विफ्ट कार उठाई और चुपके से निकल पड़ा। फिर तीनों मिलकर अपने चौथे दोस्त नमन को लेने पहुंचे। नमन भी अपने कमरे में सोने का नाटक करके चोरी-छिपे दोस्तों के साथ चला गया था। चार मासूम मन, बेफिक्र रात और रफ्तार… फिर वो हुआ जिसने सबका दिल दहला दिया।

​सुबह का एक फोन और बिखर गईं खुशियां

​गुरुवार तड़के करीब 5 बजे जब सोनारी थाना प्रभारी का फोन नमन के पिता के पास पहुंचा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटे के हादसे की खबर सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई। सार्थक के माता-पिता जमशेदपुर पहुंचे तो अपने कलेजे के टुकड़े को बेजान देखकर बेसुध हो गए।
​यही हाल वंशिका के घर का भी था। जब दोपहर में उसकी देह देवाशीष कुंज पहुंची, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। हर कोई बस यही सोच रहा था कि काश! वो रात कभी आई ही न होती।

​मैदान में उतरने से पूर्व हमेशा के लिए सो गए चार होनहार सितारे

​यह दर्द इसलिए भी गहरा है क्योंकि ये चारों महज बच्चे नहीं, बल्कि खेल के मैदान के उभरते सितारे थे। ​नमन गुप्ता बास्केटबॉल का नेशनल स्तर का खिलाड़ी था, जिसने बिहार-झारखंड का नाम रोशन किया था। ​तृषा और अंशिका- दोनों कारमेल कॉलेज की बेहतरीन बास्केटबॉल खिलाड़ी थीं। अंशिका ने पिछले साल ही नेशनल खेला था और इस साल बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ रोज अभ्यास करती थी।

Read Also: Jamshedpur Accident : मंत्री दीपिका की बेटी की मौत पर शोक में डूबा परिवार, विधायक संजीव सरदार, सरयू राय और मेयर सुधा गुप्ता ने जताई संवेदना

​सार्थक अग्रवाल फुटबॉल का शानदार खिलाड़ी था, जिसने हाल ही में अपनी टीम को जोनल टूर्नामेंट में कई मैच जिताए थे। ​बुधवार की शाम तक ये चारों बास्केटबॉल कोर्ट में पसीना बहा रहे थे। गुरुवार सुबह 5 बजे भी उन्हें प्रैक्टिस के लिए पहुंचना था… लेकिन सुबह की किरण निकलने से पहले ही रफ्तार के एक भयानक झोंके ने इन चार युवाओं की जिंदगी का सफर हमेशा के लिए खत्म कर दिया। पीछे छोड़ गए तो बस न भूलने वाला दर्द और कभी न भरने वाला अकेलापन।

Read Also: Jamshedpur Road Accident : सड़क दुर्घटना में मंत्री दीपिका पांडेय की बेटी समेत 4 की मौत

 

 

 

Related Articles