Jamshedpur (JKharkhand) : शहर के मुख्य सड़कों पर बढ़ते आवारा पशुओं के कारण आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी समस्या पर नियंत्रण पाने के लिए शुक्रवार को जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (जेएनएसी ) और जुस्को ने संयुक्त रूप से एक व्यापक अभियान चलाया। अभियान के तहत शहर भर में घूमने वाले गायों और बैलों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर गौशालाओं तक पहुंचाया गया।
पशुओं को दिया गया बेहोशी का इंजेक्शन, फिर जेसीबी से उठाया गया
अभियान की शुरुआत सुबह से ही विभिन्न इलाकों जहां आवारा पशुओं की संख्या अधिक देखी जाती है। टीम के कर्मचारियों ने पशुओं को बिना नुकसान पहुंचाए नियंत्रण में लेने के लिए विशेष सावधानी बरती। सबसे पहले उन्हें रस्सी की सहायता से बांधा गया और शांत करने के लिए “ट्रैंक्विलाइज़र” यानी बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया, जिसका असर लगभग एक से डेढ़ घंटे तक रहता है। इंजेक्शन के असर के बाद पशुओं को जेसीबी की मदद से बड़े ट्रकों में सावधानीपूर्वक लोड किया गया और फिर गौशाला भेजा गया।
पशुओं की वजह से हो चुकी हैं दुर्घटनाएं : डॉ. तुषार मंडल
जिला पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. तुषार मंडल ने बताया कि अनियंत्रित रूप से सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की वजह से शहर में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ पशुओं ने लोगों की जान भी ले ली थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवारा पशुओं को मानकों के अनुसार नियंत्रित किया जाता है, जिससे न तो उन्हें चोट लगे और न ही आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के दौरान पशु कल्याण के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है और हर पशु को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जा रहा है।
पशुपालकों से मवेशियों को सड़क पर नहीं छोड़ने की अपील
डॉ. मंडल ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं को सड़क पर न छोड़ें। उन्होंने कहा कि यदि लोग अपने मवेशियों को खुला छोड़ेंगे, तो हादसे बढ़ेंगे। सभी पशु मालिक अपने जानवरों को जिम्मेदारी से संभालें, ताकि शहर सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की अनहोनी न हो। शुक्रवार को चलाए गए इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में गायों और सांड को पकड़ा गया और उन्हें बेहोश करने के बाद सुरक्षित रूप से गौशालाओं में भेजा गया।

