Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर के मानगो स्थित जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना था।

मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को समझ कर सुलझाएं
कार्यशाला के मुख्य वक्ता शहर के जाने-माने मनोचिकित्सक डॉ. दीपक गिरि थे। उन्होंने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों, जैसे तनाव, अवसाद और नशे की लत पर विस्तार से बात की। डॉ. गिरि ने जोर देकर कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय, उन्हें समझ और सहयोग के साथ सुलझाना चाहिए।
उन्होंने आत्महत्या की रोकथाम के लिए कई ठोस उपाय बताए और छात्रों से एक जागरूक समुदाय बनाने का आग्रह किया। डॉ. गिरि ने भारत सरकार के टेली मानस टोल-फ्री नंबर 14416 और 1800-89-14416 के बारे में भी जानकारी दी, जिस पर कोई भी व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए संपर्क कर सकता है।
जीवन को मूल्यवान बताते हुए प्राचार्य ने व्यक्त की चिंता
कार्यशाला की शुरुआत में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यप्रिय महालिक ने मानव जीवन के मूल्य पर बात करते हुए आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यशाला से शिक्षकों और छात्रों में इस गंभीर मुद्दे के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
कार्यक्रम में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ, जिसमें डॉ. गिरि और डॉ. स्मिता हेम्ब्रम ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए। मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. वाजदा तबस्सुम ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डॉ. संगीता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने एकमत होकर कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना, गलतफहमियों को दूर करना और सकारात्मक संवाद स्थापित करना ही आत्महत्या की प्रवृत्ति को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

