जमशेदपुर: झारखंड बाेर्ड की परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामाने आया है। (Jharkhand Academic Council) इसे देखते हुए झारखंड अधिविद्य परिषद ने पिछले इंटर व मैट्रिक बाेर्ड परीक्षा के दाैरान स्कूलाें में हुए आंतरिक मूल्यांकन (प्रायाेगिक परीक्षा ) की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसे लेकर झारखंड अधिविद्य परिषद ने सभी जिलाें काे निर्देश जारी किया है।

इसमें कहा गया है कि सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी पिछले वर्ष का रैंडम सैंपल के आधार पर कुछ विद्यालयों का आन्तरिक मूल्यांकन का सत्यापन कराए और यह देखे कि उक्त में प्रदान किया गया अंक परिषद् द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका के अनुसार है या नहीं। जैक ने इससे संबंधित रिपाेर्ट इस महीने के अंत तक जैक काे उपलब्ध कराने काे कहा है। परिषद का कहना है कि सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अध्यक्षता में पिछले दिनाें हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि आन्तरिक मूल्यांकन के अंकों के निर्धारण हेतु विद्यालय के शिक्षकों के अतिरिक्त एक वाह्य शिक्षक नामित किए जायेंगे। (Jharkhand Academic Council)
उक्त निर्णय के आलोक में परिषद् पत्रांक 86/2023 दिनांक 31 जनवरी के माध्यम से आन्तरिक मूल्यांकन के संदर्भ में आवश्यक दिशा-निर्देश सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया था। साथ ही आन्तरिक मूल्यांकन में प्रदान किए जानेवाले अंकों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराया गया था। लेकिन इसके बाद भी यह बात सामने आयी की कई जिलाें में बिना प्रायाेगिक परीक्षा का प्राेजेक्ट कार्य समर्पित किए ही अंकाें काे दिया गया है।
(Jharkhand Academic Council) शिक्षा सचिव की जांच में मिली गड़बड़ी:
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड के सचिव के रवि कुमार ने 22 नवंबर को सिमडेगा जिला का भ्रमण किया गया था। इस दाैरान उन्हाेंने एक विद्यालय का निरीक्षण किया गया था, इस दाैरान उन्हाेंने पिछले वर्ष परीक्षा (Jharkhand Academic Council) में दिए गए आन्तरिक मूल्यांकन के अंक के संबंध में सत्यापन किया। इसमें यह बात सामने अायी की विद्यार्थियों द्वारा बिना प्रोजेक्ट कार्य समर्पित किए ही विद्यालय द्वारा 05 अंक प्रदान किया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए जैक काे निर्देश दिया कि वे सभी जिलाें में इसकी जांच कराएं।
शिक्षा सचिव ने कहा स्कूल नहीं कर रहे जैक के निर्देश का पालन:
जैक के अनुसार आन्तरिक मूल्यांकन के लिए 20 अंक था। (Jharkhand Academic Council)विद्यार्थियों की उपस्थिति के लिए अधिकतम 05 अंक, निर्धारित मासिक त्रैमासिक परीक्षा के लिए अधिकतम 05 अंक, प्रोजेक्ट कार्य/शोध कार्य/सर्वेक्षण के लिए अधिकतम 05 अंक एवं अन्य गतिविधि के लिए अधिकतम 05 अंक दिया जाना था। सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा यह टिप्पणी की गई है कि झारखण्ड अधिविद्य परिषद् द्वारा निर्गत मार्गदर्शिका का विद्यालय के शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापक द्वारा अक्षरशः अनुपालन नहीं किया जा रहा है। जाे एक गम्भीर विषय है।
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