RANCHI : राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे किए जा रहे है। वहीं मंत्री से लेकर अधिकारी यहां के लोगों को वर्ल्ड क्लास की स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात कर रहे है। लेकिन, व्यवस्था बेपटरी होती जा रही है। इतना ही नहीं, लोगों को उपलब्ध कराई जाने वाली 108 फ्री एंबुलेंस की हालत खस्ता हो गई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई एंबुलेंस में स्ट्रेचर तक नहीं है। वहीं कुछ में तो बेसिक सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं। अब स्वास्थ्य विभाग नई एंबुलेंस खरीदने की प्रक्रिया में जुटा है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या विभाग नई एंबुलेंस का ठीक तरीके से रख-रखाव कर सकेगा या फिर ये भी अव्यवस्था की भेंट चढ़ जाएंगी।
ढाई साल पहले भी खरीदी थी 206 एंबुलेंस
गौरतलब है कि इससे पहले भी स्वास्थ्य विभाग ने 206 एंबुलेंस संचालन के लिए दी थी। ये एंबुलेंस मिनी बसों में तैयार की गई थीं। लेकिन, ढाई सालों के अंदर ही इन बसों की स्थिति जर्जर हो गई। आज कई बसों में स्ट्रेचर नहीं है। यहां तक की मरीजों को लाने वाला बेड भी उसमें नहीं है। कुछ बसों में गेट खोलने वाला हैंडल नहीं है, जबकि कई एंबुलेंस वाली बसें ऐसी हैं, जिनमें बेसिक सुविधाएं भी मौजूद नहीं है। अगर मरीज को बेसिक लाइफ सपोर्ट की जरूरत पड़ जाए तो उसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। इससे समझा जा सकता है कि कैसे ये एंबुलेंस मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन सकते है।
संचालन के लिए एजेंसी को दी गई जिम्मेदारी
स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस खरीदारी के बाद संचालन के लिए एजेंसी को दिया था। फिलहाल सम्मान फाउंडेशन को एंबुलेंस के संचालन का जिम्मा दिया गया है। अब एजेंसी और विभाग के पास एंबुलेंस के गेट खोलने वाले हैंडल खरीदने के भी पैसे नहीं हैं। किसी तरह जुगाड़ लगाकर एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। वहीं मेंटेनेंस नहीं होने की स्थिति में ये एंबुलेंस मरीजों की परेशानी को भी बढ़ा रही हैं। इसमें सवार होने वाले मरीजों को झटके मिल रहे है, जिससे कि मरीजों का दर्द और बढ़ जा रहा है। जबकि विभाग और एजेंसी चाहे तो थोड़ा खर्च कर ढाई साल पहले खरीदी गई एंबुलेंस को बेहतर स्थिति में लाया जा सकता है।
200 से अधिक वाहन कंडम
राज्य में 108 इमरजेंसी एंबुलेंस सर्विस के तहत संचालित एंबुलेंस में 200 से अधिक एंबुलेंस कंडम हो चुकी हैं। राज्य सरकार इन एंबुलेंस की जगह ही नई एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस खरीदेगी, जिनका संचालन 108 सेवा के तहत ही किया जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 207 ऐसे एंबुलेंस खरीदने के लिए आदेश जारी कर दिया। इसके लिए कुल 103.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

