Home » ⁩बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक

⁩बजट सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी नोकझोंक

शुक्रवार सुबह 11:00 से फिर होगी चर्चा, मुख्यमंत्री भी सदन को करेंगे संबोधित

by Vivek Sharma
झारखंड विधानसभा
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भोजनावकाश के बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच कई बार तीखी बहस देखने को मिली। इससे सदन का माहौल गर्म हो गया।

सत्तारूढ़ झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कहा कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का काम मौजूदा सरकार ने किया, जबकि पूर्व में भाजपा सरकार ने इसे घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया था।

वंदे मातरम से लेकर एसआईआर तक हुई बहस

चर्चा के दौरान सदन में वंदे मातरम से लेकर एसआईआर जैसे मुद्दों पर भी बहस हुई। हेमलाल मुर्मू के संबोधन के बीच भाजपा विधायक सीपी सिंह ने तीखी टिप्पणी करते हुए तंज कसा। इस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई।

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए भाजपा पर देश में नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में मंत्रिपरिषद की मुहर लगे अभिभाषण को राज्यपालों द्वारा न पढ़े जाने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि अन्य राज्यों में अलग मापदंड अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक बयान की भी निंदा की और कहा कि भाजपा वंदे मातरम और राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।

बाबूलाल मरांडी ने भी उठाए सवाल

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने जमीन से जुड़े मामलों के लिए विधानसभा की एक विशेष समिति गठित करने की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार जबरन बुलडोजर चलाकर जमीन अधिग्रहण कर रही है। इसके साथ ही, उन्होंने डीजीपी नियुक्ति, धान खरीद में कथित गड़बड़ियों और बिचौलियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

इन आरोपों पर विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष जिन आंकड़ों का हवाला दे रहा है, वे सूखे के साल के हैं। उन्होंने दावा किया कि इस साल धान की पैदावार अच्छी है और निर्धारित समय सीमा के भीतर खरीद लक्ष्य पूरा किया जाएगा।

समय के अभाव में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी। स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। शुक्रवार को एक बार फिर इस विषय पर चर्चा होगी। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदन को संबोधित करेंगे।

Related Articles