रांची : झारखंड के विश्वविद्यालयों में कुलपति पद पर बाहरी लोगों की नियुक्ति का मामला बुधवार को विधानसभा में गूंजा। विधायक प्रदीप यादव ने बजट सत्र के 11वें दिन विश्वविद्यालयों में कुलपति (वीसी) की नियुक्ति का मामला उठाया। सरकार की ओर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को आश्वस्त किया कि झारखंड के लोगों को सम्मान मिलना चाहिए।
शिक्षा सचिव से ली जाएगी विस्तृत जानकारी
प्रदीप यादव ने कहा कि मामले में उच्च शिक्षा सचिव से बात कर विस्तृत जानकारी ली जाएगी और सदन को अवगत कराया जाएगा। दरअसल, यह मुद्दा इसलिए उठा क्योंकि कुलपति नियुक्ति को लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने लोकभवन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा था।
क्या झारखंड में कोई विद्वान नहीं: विधायक प्रदीप
प्रदीप यादव ने कहा कि हाल ही में राज्य के तीन विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति की गई है जो सभी दूसरे राज्यों के हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या झारखंड में किसी भी वर्ग का कोई विद्वान नहीं है जो इस पद के योग्य हो।
अबुआ राज्य की भावना के विपरीत बताया
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि यह नियुक्ति राज्य की अबुआ राज्य की भावना के विपरीत है। झारखंड आंदोलन की मूल भावना स्थानीय लोगों को अवसर देने की रही है, लेकिन नियुक्तियों में इसका पालन नहीं होता दिख रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्तमान सत्र में इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दिया जाए।
पारदर्शिता की बताई जरूरत
प्रदीप यादव ने यह भी कहा कि इससे पहले कृषि विश्वविद्यालय में भी पारिवारिक नियुक्तियों का मामला सामने आया था, जहां पोता-पोती और भतीजे को नौकरी दिए जाने की बात उठी थी। ऐसे मामलों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
मथुरा ने पूर्व जिप सदस्य की हत्या का मामला उठाया
वहीं झामुमो विधायक मथुरा महतो ने गिरिडीह जिले के एक पूर्व जिला परिषद सदस्य की हत्या का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि घटना को काफी समय बीत जाने के बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मथुरा महतो ने सरकार से मांग की कि इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
आलोक चौरसिया ने जल जीवन मिशन का मुद्दा रखा
डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने पलामू, गढ़वा जिला सहित पूरे झारखंड के जल जीवन मिशन का मुद्दा रखते हुए कहा कि क्षेत्र में बनी जलमीनारों का सही तरीके से संचालन नहीं होने के कारण आम लोगों को पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए ताकि ग्रामीणों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

