रांची : बुधवार को झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें से एक महत्वपूर्ण फैसला प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली को रोकने के लिए विशेष कोर्ट के गठन से संबंधित था। राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण के लिए “परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण के उपाय अधिनियम-2023” की धारा-26 के तहत अपर न्यायायुक्त-एक, रांची के कोर्ट को विशेष कोर्ट के रूप में स्वीकृति दी।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय
- हाई कोर्ट के आदेश पर कर्मचारियों की सेवा नियमित करना: झारखंड हाई कोर्ट में दायर एक मामले में माभगत चरण महांती और भूतपूर्व पदचर की सेवा नियमित करने की स्वीकृति दी गई, साथ ही उनकी बेटी प्रिया महान्ती को अनुकंपा पर नियुक्ति की स्वीकृति भी मिली।
- अधिकारियों के वित्तीय लाभ की स्वीकृति: हाई कोर्ट के आदेश पर हसनैन अख्तर और सेवानिवृत्त लिपिक देवनारायण सिंह की सेवा नियमित करते हुए उन्हें वित्तीय लाभ देने की स्वीकृति दी गई।
- झारखंड सम्पूर्ण बिजली आच्छादन योजना का विस्तार: राज्य सरकार ने झारखंड सम्पूर्ण बिजली आच्छादन योजना के तहत बचे हुए कार्यों को पूरा करने के लिए मार्च 2025 तक योजना की अवधि विस्तार की स्वीकृति दी।
- ऊर्जा विभाग के खर्चों की स्वीकृति: ऊर्जा विभाग के मुख्य अभियंता अरविन्द कुमार बलदेव प्रसाद के कैंसर के इलाज के लिए अपोलो प्रोटोन कैंसर सेंटर, चेन्नई में हुए खर्च की राशि 28 लाख रुपये के भुगतान का निर्णय लिया गया।
- राज्य के विभिन्न मामलों में स्वीकृति: गोड्डा के एनआरईपी के पूर्व कार्यपालक अभियंता राधेश्याम मांझी के खिलाफ लगाए गए दंड का परिमार्जन किया गया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के स्वार्गीय नागेन्द्र कुमार सिन्हा को एयर एम्बुलेन्स से रांची से हैदराबाद ले जाने पर खर्च किए गए 14.52 लाख रुपये का भुगतान करने का भी निर्णय लिया।
- मेडिकल कॉलेजों में पीजी के प्रावधानों में संशोधन: झारखंड राज्य के मेडिकल कॉलेजों में पीजी (मेडिकल, एमडीएस) में पास होने के बाद तीन वर्षों की आवश्यक सरकारी सेवा की बाध्यता संबंधी प्रावधानों में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
- सामाजिक कल्याण योजनाओं का विस्तार: एसटी, एससी, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रण में चलने वाले आश्रम विद्यालयों और अन्य संस्थाओं के संचालन की अवधि बढ़ाने की स्वीकृति दी गई।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- झारखंड माल और सेवा कर अधिनियम-2017 में संशोधन: झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2025 को झारखंड विधानसभा के चालू सत्र में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी गई।
- विद्युतिकरण योजना के लिए स्वीकृति: राज्य के पीवीटीजी और अन्य आदिवासी समूह के अविद्युतीकृत टोलों तथा घरों के विद्युतिकरण के लिए 55.92 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

