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Chaibasa News: चाईबासा में सहकारी समितियों के सशक्तिकरण पर कार्यशाला आयोजित, डीसी ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

Cooperative Societies Empowerment : वन प्रमंडल पदाधिकारी आदित्य रंजन ने कहा कि सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा (झारखंड) : चाईबासा स्थित वनपाल प्रशिक्षण भवन सभागार में जिला सहकारिता कार्यालय के तत्वावधान में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लिमिटेड के बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के सशक्तिकरण पर मंगलवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त चंदन कुमार और वन प्रमंडल पदाधिकारी आदित्य रंजन उपस्थित रहे। कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

उपायुक्त का संबोधन

उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि वनों की सुरक्षा और संरक्षण तभी संभव है जब वन क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों की जीविका और कौशल संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि वनोपज के प्रसंस्करण की जानकारी देकर ग्रामीणों को स्वावलंबन की ओर प्रेरित किया जाए।
सहकारी समिति के सदस्यों को यह भी बताया गया कि संघ के माध्यम से वे अपनी उपज का अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सकते हैं और सहकारिता के जरिए बिचौलियों के शोषण से मुक्त हो सकते हैं।

वन प्रमंडल पदाधिकारी का वक्तव्य

वन प्रमंडल पदाधिकारी आदित्य रंजन ने कहा कि सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

उन्होंने आश्वासन दिया कि जिले के किसानों और सहकारिता के समग्र विकास के लिए हर स्तर पर तत्परता से काम किया जाएगा।

संघ की भूमिका

कार्यशाला में बताया गया कि सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ का कार्य त्रिस्तरीय संरचना पर आधारित है—राज्य, जिला और पंचायत स्तर।

संघ के माध्यम से चिरौंजी, महुआ, लाह, करंज, इमली, जोरीकंद आदि कृषि एवं वनोपज उत्पादों का संग्रहण, विपणन और प्रसंस्करण किया जाता है, जिससे स्थानीय समुदाय को सीधा लाभ मिल सके।

कार्यशाला का उद्देश्यकार्यशाला का मुख्य उद्देश्य था

  • सहकारी समिति के सदस्यों को संघ के माध्यम से उपज का अधिकतम मूल्य दिलाना।
  • किसानों को सहकारिता के जरिए बिचौलियों से मुक्ति का मार्ग दिखाना।
  • एमपीसीएस, एफपीओ और विशेष समितियों के सदस्यों को कृषि एवं वनोपज आधारित कार्यक्रमों से जोड़ना।

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