रांची/जमशेदपुर/मेदिनीनगर : Chhath Puja 2023: लोक आस्था का पर्व ‘छठ’ देशभर में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी उन लाखों लोगों में शामिल रहे जिन्होंने रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व में हिस्सा लिया। वहीं, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व ओडिशा के वर्तमान राज्यपाल रघुवर दास भी इस महापर्व पर अपने घर जमशेदपुर पहुंचे और इस महान पर्व में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पत्नी कल्पना सोरेन के साथ राज्य की राजधानी रांची के हटनिया तालाब में अन्य श्रद्धालुओं के साथ ‘अर्घ्य’ अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्यवासियों को महापर्व छठ की शुभकामनाएं दीं।

सूर्य को ‘अर्घ्य’ देने के साथ समाप्त हुआ पर्व
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने भी लोगों को छठ की शुभकामनाएं दीं और ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। चार दिवसीय छठ पर्व शुक्रवार को ‘नहाय खाय’ अनुष्ठान के साथ शुरू हुआ और सोमवार को उगते सूर्य को ‘अर्घ्य’ देने के साथ समाप्त हुआ।
लाखों श्रद्धालुओं ने किया महापर्व
लाखों श्रद्धालुओं ने तालाबों, जलाशयों और झीलों पर उगते व डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस अवसर पर जलस्रोतों की सफाई की गई थी। रांची में नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि अकेले प्रदेश की राजधानी में 72 जल निकायों की इस पर्व के लिए सफाई कराई गई थी। छठ पूजा सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों के प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया था, साथ ही रांची और देवघर जिलों के संवेदनशील जल निकायों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को तैनात थी।
सुरक्षा के किये गये थे पुख्ता इंतजाम
एनडीआरएफ के निरीक्षक रविकांत ने कहा कि रांची के कांके बांध, बड़ा तालाब और धुर्वा डैम में एनडीआरएफ की तीन टीम तैनात की गई हैं, देवघर में एक टीम तैनात की गई थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और मोटरसाइकिल दस्ते से नजर रखी जा रही थी।
रांची के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (कानून एवं व्यवस्था) राजेश्वर नाथ आलोक ने कहा कि रांची के तीन जल निकायों में एनडीआरएफ की टीम तैनात की गई थी और अन्य संवेदनशील जल निकायों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी तैनात किया गया था। रविवार सुबह आठ बजे से रात 11 बजे तक और सोमवार अपराह्न दो बजे से रात 10 बजे तक रांची में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रही।
जमशेदपुर में ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास ने भी दिया अर्घ्य
सूर्योपासना के महापर्व छठ के मौके पर ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता व जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने भी विभिन्न छठ घाटों पर अर्घ्य दिया। महापर्व छठ के मौके पर जमशेदपुर में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। जिसका आनंद श्रद्धालुओं ने लिया। रघुवर दास जमशेदपुर अपने घर आए हैं।
वे इस साल भी सिदगोड़ा के सूर्य मंदिर परिसर में सुसज्जित सरोवर घाट पर भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस मौके पर उनकी पत्नी रुक्मिणी दास, पुत्र ललित दास, पुत्रवधू पूर्णिमा दास सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। राज्यपाल रघुवर दास ने कहा कि छठी मां और भगवान सूर्य सभी की मनोकामना पूर्ण करें, यही कामना है। अर्घ्य देने के बाद हवन पूजा किया। इसके बाद छठवर्तियों को नमन कर प्रसाद ग्रहण किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने सोनारी दोमुहानी घाट पर दिया अर्घ्य
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी ने अपनी पत्नी सुधा गुप्ता के साथ जमशेदपुर के विभिन्न घाटों पर पहुंचे। वहीं, सोनारी दोमुहानी घाट पर सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इसके साथ ही पूजा अर्चना कर छठी मां और भगवान भास्कर से झारखंड समेत पूरे देश को सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीष मांगा।
पूर्व मंत्री सरयू राय ने गोलमुरी में दिया अर्घ्य
झारखंड के पूर्व मंत्री सह जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने गोलमुरी स्थित केबुल टाउन में बिड़ला मंदिर के पास सरोवर में भगवान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।
लोकगायिका निशा पांडे व ममता राउत ने भजनों से झुमाया
हर साल की तरह इस साल भी सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर परिसर के शंख मैदान में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। इस मौके पर लोकगायिका निशा पांडे व सुर-संग्राम विजेता ममता राउत ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किया, जिसपर श्रद्धालु झूमते हुए नजर आएं। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए थे। वहीं, भजन संध्या का आनंद ओडिशा के राज्यपाल रघुवर दास ने भी उठाया।

