RANCHI: मनरेगा कानून और उसके नाम में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। इसी क्रम में 5 जनवरी को मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत बापू वाटिका मोरहाबादी से लोक भवन तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। यह जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। सम्मेलन में मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा सहित कई नेता मौजूद थे।
केशव महतो कमलेश ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना ग्रामीण भारत पर सीधा हमला है। इससे पंचायत और गांव की भूमिका कमजोर होगी। साथ ही क्षेत्रीय असंतुलन बढ़ेगा। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि भाजपा की विचारधारा गांधी के सिद्धांतों के विपरीत है और नाम परिवर्तन उसकी मानसिकता को दर्शाता है। पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली थी, लेकिन नई योजना में राज्यों की अनदेखी हो रही है।
आंदोलन की रूपरेखा तैयार
उन्होंने बताया कि आंदोलन अखिल भारतीय स्तर पर तीन चरणों में चलेगा। प्रथम चरण में 8 जनवरी को राज्य स्तर के कांग्रेस नेताओं की बैठक होगी, 10 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस, 11 जनवरी को गांधी या अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास और धरना दिया जाएगा। दूसरे चरण में 12 से 30 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल, ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा कार्यकर्ताओं के बीच पत्र वितरण, विधानसभा स्तरीय नुक्कड़ सभा के साथ पंपलेट वितरण किया जाएगा। 30 जनवरी को शहीद दिवस पर मनरेगा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक होगी। तीसरे चरण में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला स्तरीय धरना, 7 से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय घेराव और 16 से 25 फरवरी के बीच देश के विभिन्न क्षेत्रों में चार बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी।
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