

Ranchi (Jharkhand) : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने झारखंड में अपनी राजनीतिक और सामाजिक भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का ऐलान किया है। पार्टी के हाल ही में हुए सम्मेलन में दूसरी बार राज्य सचिव चुने गए महेंद्र पाठक ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी राज्य में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करेगी।

जन समस्याओं को लेकर व्यापक जन आंदोलन का निर्णय
पाठक ने बताया कि सम्मेलन में राज्य स्तरीय संगठन को मजबूत करने और जन समस्याओं को लेकर एक व्यापक जन आंदोलन खड़ा करने का निर्णय लिया गया है। इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित किया गया, जिनमें खनिज संपदाओं के अंधाधुंध दोहन पर रोक लगाने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर देने या 10,000 रुपए का बेरोजगारी भत्ता देने, वित्त रहित शिक्षा की समस्या का समाधान करने और विस्थापन नीति के तहत विस्थापन आयोग का गठन करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

संगठन का पुनर्गठन और चुनावी रणनीति
सम्मेलन में पूरे राज्य से 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें से 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने गहन विचार-विमर्श में हिस्सा लिया। इस दौरान, राज्य के संचालन के लिए एक 47 सदस्यीय राज्य परिषद और एक 21 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। महेंद्र पाठक ने दूसरी बार राज्य सचिव चुने जाने पर सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे झारखंड में जनता से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन को और गति देंगे।

विधानसभा के साथ ही पंचायत चुनाव भी लड़ेगी पार्टी
पाठक ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पंचायत और नगर निगम चुनावों में भी पूरी ताकत से हिस्सा लेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया। उन्होंने झारखंड को एक मजबूत वाम विकल्प देने की वकालत की। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए छात्रों, युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति भी बनाई गई है। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य पीके पांडे और जिला सचिव अजय कुमार सिंह भी उपस्थित थे।
