Dhanbad: झारखंड में नगर निकाय चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अनुशासनहीनता के मामलों में कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों और समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने को लेकर धनबाद और पाकुड़ में नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

धनबाद नगर निगम क्षेत्र में मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने पर पूर्व विधायक संजीव सिंह, भाजपा कार्यकर्ता मुकेश पांडे और भृगुनाथ भगत को पार्टी की ओर से नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर जारी किया। पत्र में कहा गया है कि संबंधित नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं, जो साफ तौर से अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
तीनों से एक हफ्ते के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन सबको अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।भाजपा ने धनबाद मेयर पद के लिए प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव कुमार अग्रवाल को पार्टी समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बावजूद संजीव सिंह, मुकेश पांडे और भृगुनाथ भगत ने नामांकन वापस लेने से इनकार करते हुए चुनाव लड़ने का निर्णय किया। इसे पार्टी ने बगावत माना है। गौरतलब है कि संजीव सिंह झरिया के पूर्व विधायक रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी रागिनी सिंह वर्तमान में झरिया से भाजपा विधायक हैं।
वहीं, पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल भाजपा छोड़कर झामुमो में शामिल हो चुके हैं और मेयर पद की दौड़ में हैं। निर्दलीय प्रत्याशी शांतनु चंद्रा भी मैदान में हैं। इससे मुकाबला और रोचक हो गया है।इधर, पाकुड़ में भी पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर भाजपा ने कार्रवाई की है। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सबरी पाल से प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि अगर सात दिनों के अंदर जवाब नहीं दिया गया तो अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।
दरअसल, नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने अंतिम समय में संपा साहा को समर्थन दिया। इससे नाराज होकर सबरी पाल ने नामांकन दाखिल कर दिया था। इस मामले में नाराज कार्यकर्ताओं को साधने के लिए बाबूलाल मरांडी भी पाकुड़ पहुंचे थे और बैठक की थी।भाजपा की इस सख्ती को संगठनात्मक अनुशासन मजबूत करने और अधिकृत प्रत्याशियों को समर्थन देने के मैसेज के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर संबंधित नेताओं के जवाब और पार्टी की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

