विकास योजनाओं पर हुआ मंथन, उपायुक्त ने पारदर्शिता और जनभागीदारी पर दिया जोर

Jamshedpur : जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित टाउन हॉल में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) शासी परिषद की बैठक उपायुक्त सह अध्यक्ष कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में डीएमएफटी मद से चल रही योजनाओं की प्रगति, भावी प्राथमिकताएं और संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि डीएमएफटी निधि का मुख्य मकसद खनन प्रभावित इलाकों की तरक्की है। उन्होंने कहा कि हर योजना का फायदा पारदर्शी और त्वरित रूप से लक्षित समुदाय तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पंचायतों से अपील की कि ग्राम सभा के जरिए प्राथमिकता तय कर योजनाओं की अनुशंसा करें और उनके क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग दें। ताकि क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।
विधायक समीर मोहंती ने कहा कि डीएमएफटी की कामयाबी स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देने पर निर्भर करती है। उन्होंने भवनहीन स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पेयजल योजनाओं पर खास ध्यान देने की बात कही। वहीं, विधायक संजीव सरदार ने कहा कि पंचायतों के प्रतिनिधि अगर ग्राम सभा में प्राथमिक योजनाओं की अनुशंसा करेंगे तो विकास कार्यों को और रफ्तार मिलेगी।
उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने बताया कि जिले में प्रत्यक्ष रूप से 196 और अप्रत्यक्ष रूप से 19 पंचायतें खनन प्रभावित हैं। अब तक कुल 14169 योजनाएं ली गई हैं, जिनमें से 9675 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा चुका है। उन्होंने निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मीटिंग में उपस्थित मुखियागणों ने अपने पंचायतों की आवश्यकताओं से संबंधित सुझाव दिए। उपायुक्त ने सभी जनप्रतिनिधियों से विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई। बैठक में उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विधायक बहरागोड़ा समीर मोहंती, विधायक पोटका संजीव सरदार, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, मुखियागण तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

