Ranch। : झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली क्षेत्र से जुड़े शुल्क, जुर्माना और प्रभार नियमों में अहम संशोधन किया है। आयोग ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी करते हुए झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमिशन (शुल्क, जुर्माना और प्रभार) (प्रथम संशोधन) विनियम, 2026 लागू कर दिया।
संशोधन विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत किया गया है। इसके अनुसार अब बिजली लाइसेंस जारी करने या लाइसेंस से छूट देने के लिए आवेदन शुल्क और वार्षिक शुल्क का निर्धारण राज्य सरकार करेगी। अब तक ये शुल्क विनियमों में तय होते थे, लेकिन नए प्रावधान के बाद सरकार को इसमें बदलाव करने की सीधी शक्ति मिल गई है। इससे जरूरत के अनुसार शुल्क तय करने में आसानी होगी।
किन पर पड़ेगा असर?
इस फैसले का सीधा असर बिजली वितरण, उत्पादन और ट्रांसमिशन से जुड़ी कंपनियों पर पड़ेगा, जिन्हें लाइसेंस के लिए आवेदन और हर साल शुल्क देना होता है। नए निवेशकों और निजी कंपनियों के लिए भी लाइसेंस लागत अब सरकार के फैसले पर निर्भर होगी।
वहीं आम उपभोक्ताओं पर इसका तत्काल असर नहीं दिखेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनियों की लागत बढ़ती है तो भविष्य में बिजली दरों पर इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। आयोग के अनुसार 13 अप्रैल को जारी अधिसूचना से प्रभावी हो गया और भविष्य में इसकी समीक्षा भी की जा सकेगी।

