– जमशेदपुर के सर्किट हाउस में अपना काफिला छोड़ पहुंचे दिल्ली, राज्य में मची राजनीतिक हलचल
नई दिल्ली : Jharkhand Former CM Champai Soren: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों के बीच रविवार को दिल्ली पहुंचे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा है कि उनके लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।
सोरेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ और ‘फेसबुक’ पर एक विस्तृत लेख लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि झारखंड का मुख्यमंत्री रहते हुए उनका अपमान किया गया।
उन्होंने कहा, ‘झारखंड का बच्चा- बच्चा जानता है कि अपने कार्यकाल के दौरान, मैंने कभी भी, किसी के साथ न गलत किया, ना होने दिया। इसी बीच, हूल दिवस के अगले दिन, मुझे पता चला कि अगले दो दिनों के मेरे सभी कार्यक्रमों को पार्टी नेतृत्व द्वारा स्थगित कर दिया गया। इसमें एक सार्वजनिक कार्यक्रम दुमका में था, जबकि दूसरा कार्यक्रम पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण करने का था’।
सोरेन ने कहा, ‘पूछने पर पता चला कि गठबंधन द्वारा 3 जुलाई को विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई है, तब तक आप मुख्यमंत्री के तौर पर किसी कार्यक्रम में नहीं जा सकते’।
उन्होंने लिखा, ‘क्या लोकतंत्र में इससे अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करा दे’?
सोरेन ने कहा, ‘मुझे कभी भी सत्ता का लोभ रत्ती भर भी नहीं था, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी इस चोट को मैं किसे दिखाता? अपनों द्वारा दिए गए दर्द को कहां जाहिर करता’?
उन्होंने कहा, ‘कहने को तो विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है, लेकिन मुझे बैठक का एजेंडा तक नहीं बताया गया था। बैठक के दौरान मुझसे इस्तीफा मांगा गया। मैं आश्चर्यचकित था, लेकिन मुझे सत्ता का मोह नहीं था, इसलिए मैंने तुरंत इस्तीफा दे दिया, लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट से दिल भावुक था’।
सोरेन ने कहा, ‘मुझे ऐसा लगा, मानो उस पार्टी में मेरा कोई वजूद ही नहीं है, कोई अस्तित्व ही नहीं है, जिस पार्टी के लिए हमने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। मैंने भारी मन से विधायक दल की उसी बैठक में कहा कि आज से मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है’।
उन्होंने कहा, ‘आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव तक मेरे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं। उन्होंने लिखा है कि मेरे पास तीन विकल्प थे। पहला-राजनीति से संन्यास लेना, दूसरा- अपना अलग संगठन खड़ा करना और तीसरा इस राह में अगर कोई साथ मिले तो उसके साथ आगे का सफर तय करना। आगामी विधानसभा चुनाव तक सभी विकल्प खुले हुए हैं’।
पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा है कि ‘यह मेरा निजी संघर्ष है इसलिए इसमें पार्टी के किसी सदस्य को शामिल करने या संगठन को किसी प्रकार की क्षति पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं है लेकिन हालात ऐसे बना दिये गए हैं कि…’।
इससे पहले, दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद सोरेन ने पत्रकारों से कहा कि ‘उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के किसी नेता से मुलाकात नहीं की है और वह राष्ट्रीय राजधानी में एक ‘निजी’ यात्रा पर हैं’।
शुक्रवार को मीडिया में आईं कुछ खबरों में दावा किया गया कि झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले सोरेन भाजपा में शामिल हो सकते हैं। लेकिन सोरेन ने शनिवार को कहा था कि उन्हें अटकलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
Jharkhand Former CM Champai Soren : जमशेदपुर में काफिल छोड़ गए दिल्ली
दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने अपना काफिला जमशेदपुर सर्किट हाउस में छोड़ दिया। उनके पैतृक आवास पर लगा झामुमो का झंडा हट गया। उन्होंने ‘एक्स’ से भी झामुमो का सिंबल हटा दिया है। इस दौरान उन्होंने कोलकाता से दिल्ली की फ्लाइट पकड़ी। दिल्ली में उन्होंने संवाददाताओं से कहा था, ‘मुझे ऐसी अटकलों और खबरों के बारे में कुछ नहीं पता… मैं जहां हूं, वहीं हूं…’।
बाउरी बोले, मुझे जानकारी नहीं
जब भाजपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी से सोरेन के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मेरे पास कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। मुझे केवल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिल रही है।’
Jharkhand Former CM Champai Soren : द फोटोन न्यूज विश्लेषण
पहला विकल्प : राजनीतिक संन्यास लेना
विश्लेषण : वर्तमान हालात में जब जनता के बीच किसी नेता की बेहतर छवि बनी हो और चुनाव के बीच वह सर्वाधिक चर्चा तथा राजनीतिक रूप से सर्वाधिक महत्वपूर्ण बन गया हो तो कोई संन्यास के विकल्प का चुनाव नहीं करेगा।
दूसरा विकल्प :अपना अलग संगठन खड़ा करना
विश्लेषण : विधानसभा चुनाव बहुत नजदीक है। ऐसे में कोई नया संगठन खड़ा कर चुनाव लड़ना जोखिम भरा कदम हो सकता है। चुनाव में दो प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों से सीधा मुकाबला कर जीत हासिल करने की चुनौती होगी। यह लक्ष्य भी नामुमकिन जैसा है।
तीसरा विकल्प : इस राह में अगर कोई साथ मिले तो उसके साथ आगे का सफर तय करना
विश्लेषण : तीसरे विकल्प के रूप में चम्पाई सोरेन के लिए मुख्य विपक्षी दल भाजपा आगे की साथी हो सकती है।

