रांची : झारखंड के राज्यपाल-सह-विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना अनिवार्य है। राज्यपाल शुक्रवार को झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय झारखंड के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का प्रकाश फैलाने का कार्य कर रहा है। यह उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है जो किसी न किसी कारणवश शिक्षा से वंचित रह गए हैं, जैसे कामकाजी वर्ग, गृहणियां और अन्य वंचित वर्ग। राज्यपाल ने इस प्रयास को समाज में परिवर्तन लाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” और “विकसित भारत 2047” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका इस दिशा में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना चाहिए, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुखी कौशल भी प्रदान करना होगा ताकि वे कार्यक्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर सकें।
उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे अपने पाठ्यक्रमों को और अधिक रोजगारोन्मुखी बनाएं। इसके साथ ही, आधुनिक तकनीकी उपकरणों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए शिक्षा को हर व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय न केवल झारखंड बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श उदाहरण बनेगा।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मेहनत और समर्पण के साथ ही झारखंड के कोने-कोने में शिक्षा के प्रकाश को फैलाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों को शुभकामनाएं दीं और झारखंड को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लेने पर जोर दिया।

