खूंटी। पेसा कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसे लेकर सभी अंचल क्षेत्र में शांति समिति का गठन किया जा रहा है। फिर जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
जिला स्तरीय शांति समिति में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सरना धर्म के प्रतिनिधियों के अलावा निर्वाचित जनप्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य, मुखिया वार्ड सदस्य के अलावा समाज के अन्य प्रबुद्ध लोगों और अगुवा को शामिल किया जाएगा। महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
यह जानकारी खूंटी अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमार ने शांति समिति की बैठक में दी। पैसा कानून को लेकर शांति समिति के सदस्यों को अवगत कराया जा रहा है। शांति समिति की विशेष बैठक खूंटी थाना परिसर में शुक्रवार को बुलाई गई थी।
शांति व्यवस्था कायम रखना सबों की जिम्मेवारी
एसडीपीओ वरुण रजक ने कहा कि हाल में जिले में जो घटनाएं हुई हैं, उसमें सोशल मीडिया में गलत तरीके से अफवाहें फैलाई गई। इससे स्थिति खराब हुई। उन्होंने कहा कि हम सबों की जिम्मेवारी है कि जिला में शांति व्यवस्था कायम रहे।
बैठक में नगर पंचायत खूंटी के अध्यक्ष रानी टूटी, उपाध्यक्ष शशांक शेखर, अंचल अधिकारी प्रदीप कुमार, थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, वार्ड पार्षद अनूप साहू, दिनेश कुमार महतो, भाजपा जिलाध्यक्ष आनंद कुमार, ज्योतिष भगत, जितेंद्र कश्यप सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग शामिल थे।
संक्षेप में जानिए क्या है पैसा कानून
झारखंड में पेसा (PESA – Panchayat Extension to Scheduled Areas) एक्ट का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर जल, जंगल, जमीन और स्थानीय स्वशासन की रक्षा करना है। इससे ग्रामीण अपने संसाधनों पर निर्णय लेने में सक्षम होंगे और आदिवासी संस्कृति/परंपरा को कानूनी संरक्षण मिलेगा।
पेसा के तहत ग्राम सभाएं जल, जंगल, जमीन और लघु वनोपज (minor forest produce) पर फैसले लेने के लिए अधिकृत हैं। विकास परियोजनाओं में समुदाय की सहमति अनिवार्य है। ग्राम सभा की अनुमति के बिना अनुसूचित क्षेत्रों में शराब की दुकानें नहीं खोली जा सकतीं।
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