रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजस्व संग्रहण, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने राज्य की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने और जनता की समस्याओं का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया।
राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने राजस्व संग्रहण को लेकर नए स्रोत तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सेवाओं और हेल्पलाइन नंबरों के लिए एकीकृत ऐप तैयार किया जाए। वाणिज्य कर विभाग को फर्जी निबंधन और इनवॉइस की पहचान करने और इसे रोकने के लिए एक सख्त एनफोर्समेंट सिस्टम बनाने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “राजस्व संग्रहण का निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए।”
नियुक्ति प्रक्रियाओं में सुधार
झारखंड में बड़े पैमाने पर चल रही नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन मोड में परीक्षाएं आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से पेपर लीक जैसी समस्याओं को नियंत्रित किया जा सकता है। यह न केवल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
JSSC-CGL परीक्षा पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा जेएसएससी सीजीएल परीक्षा 2023 से जुड़े विवादों पर दिए गए निर्देशों के अनुसार निष्पक्ष जांच पूरी करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजन के दौरान हुई गड़बड़ियों, शिकायतों, और परीक्षा परिणामों से जुड़े विवादों की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की तैयारियां
28 दिसंबर को रांची के नामकुम में आयोजित होने वाले झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर की महिला लाभुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाभुकों को प्रति माह 2500 रुपये की सम्मान राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।

