Ranchi : अवैध खनन की जांच के लिए सीबीआई टीम के साहिबगंज पहुंचने की सूचना मिलते ही माइनिंग से जुड़े लोग अचानक गायब हो गए। इसका सीधा असर नीबू पहाड़ क्षेत्र में वैध माइनिंग लीज धारकों की जांच पर पड़ा और सीबीआई टीम वहां जांच पूरी नहीं कर सकी।
सीबीआई की जांच टीम कुलदीप सिंह के नेतृत्व में मंगलवार शाम साहिबगंज पहुंची थी। टीम में सीबीआई अधिकारी रविशेखर, विमल सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। टीम ने बुधवार सुबह जिला खनन पदाधिकारी को बुलाया था।
सीबीआई के बुलावे पर जिला खनन पदाधिकारी कृष्ण कुमार किस्कू नीबू पहाड़ से संबंधित लीज दस्तावेज और जानकारियां लेकर पहुंचे। उनसे जानकारी लेने के बाद सीबीआई टीम स्टीमर घाट पहुंची, जहां ईडी द्वारा जब्त किए गए स्टीमर से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर ईडी ने स्टीमर जब्त किया था, वहां से उसकी स्थिति बदल दी गई है। बताया गया कि नदी में जलस्तर कम होने के कारण स्टीमर को दूसरी जगह ले जाया गया। स्टीमर की जांच के बाद सीबीआई अधिकारियों की टीम नीबू पहाड़ पहुंची।
यहां टीम को संकट मोचन स्टोन वर्क्स द्वारा किए गए खनन कार्य की स्थिति का जायजा लेना था, लेकिन खदान क्षेत्र में स्टोन वर्क्स से जुड़ा कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। बताया जाता है कि सीबीआई के आने की खबर मिलते ही खनन से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए।
हालांकि संकट मोचन स्टोन वर्क्स के पास वैध खनन लीज है, लेकिन अब तक साहिबगंज में अवैध खनन की जांच के दौरान कई वैध लीज धारकों द्वारा लीज क्षेत्र से बाहर खनन करने के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद सीबीआई अधिकारियों ने नीबू पहाड़ के आसपास के स्थानीय लोगों से क्षेत्र में चल रही खनन गतिविधियों की जानकारी ली।

