Jamshedpur : सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में दीपावली की रात हुई दीपक विभार की हत्या लव ट्रैंगल के चलते हुई थी। दीपक ने अपने एक दोस्त की प्रेमिका पर डोरे डालने शुरू किए थे और फोन पर उसे पटाने की कोशिश की थी। युवती के मना करने पर उसे कुछ उल्टा-सीधा बोल दिया था। इस पर युवती ने अपनी सहेली को सारी बात बताई और कहा कि जब से दीपक विभार ने उससे बदतमीजी की है वह चैन से सो नहीं पा रही है। युवती की सहेली घटना के मुख्य हत्यारोपी अशोक यादव की माशूका थी। उसने इस संबंध में अशोक से कहा कि वह दीपक विभार को सबक सिखाए।
सूत्र बताते हैं कि इसी के बाद अशोक दीपक विभार को सबक सिखाने के लिए उतावला होकर घूम रहा था। उसकी गर्ल फ्रेंड ने अशोक से कहा था कि वह ऐसा कर दे कि दीपक विभार फिर उसकी सहेली से कभी बात नहीं करे। बताते हैं कि अशोक यादव को 20 अक्टूबर की रात दीपक विभार भुइयांडीह कान्हू भट्ठा के पास जुए के अड्डे पर मिल गया। फिर क्या था। अशोक ने अपने एक साथी प्रेम यादव के साथ दीपक को घेर लिया। अशोक के पास एक देशी पिस्टल थी। जबकि, प्रेम यादव देशी रिवाल्वर लिए हुए था। बताते हैं कि अशोक यादव ने दीपक को ललकारा और उससे कहा कि वह उसकी प्रेमिका की सहेली से दूर रहे। मगर, दीपक विभार नहीं मान रहा था। दीपक को खौफजदा करने के लिए अशोक यादव ने अपनी पिस्टल से एक हवाई फायरिंग की। मगर, दीपक पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उल्टे दीपक अशोक को देख लेने की धमकी देने लगा। इस पर गुस्से से लाल हो चुके अशोक यादव ने अपनी पिस्टल दीपक विभार के सीने पर तान दी और गोली चला दी थी। इसके बाद प्रेम यादव ने घटनास्थल पर दहशत फैलाने के लिए कई हवाई फायरिंग की थी। दीपक गंभीर रूप से घायल हुआ था और बाद में उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
दोस्त के सिम के सहारे उसकी प्रेमिका था पहुंचा था दीपक
सूत्र बताते हैं कि दीपक विभार के दोस्त ने अपना मोबाइल बेच दिया था। मोबाइल बेचने के बाद उसने इसका सिम निकाल कर दीपक विभार को दे दिया। दीपक विभार इस सिम को अपने मोबाइल में यूज कर इस्तेमाल करने लगा। यह बात दोस्त की गर्ल फ्रेंड को पता नहीं थी। उसकी गर्ल फ्रेंड ने फोन किया तो दीपक विभार ने उठाया और उसे पटाने की कोशिश करने लगा। दीपक के दोस्त की गर्ल फ्रेंड ने यह बात अपनी सहेली से बताई। उसकी सहेली घटना के मुख्य आरोपी अशोक यादव की माशूका थी। इसके बाद हत्या की पूरी पटकथा लिखी गई।
बाबूडीह कब्रिस्तान से हुई गिरफ्तारी
इस मामले में सिदगोड़ा थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे के निर्देश पर डीएसपी (नगर) के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। गुप्त सूचना पर टीम ने फौरन कार्रवाई करते हुए हत्या की घटना में को अंजाम देने वाले मुख्य अभियुक्त अशोक यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर अशोक के साथ मौजूद आरोपी प्रेम यादव और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी बुधवार शाम पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बाबूडीह कब्रिस्तान इलाके से की गई। एसपी ऑफिस स्थित डीएसपी हेडक्वार्टर 1 भोला प्रसाद सिंह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। बाद में पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
अशोक यादव को लिया गया था रिमांड पर
बाद में पुलिस ने अशोक यादव को रिमांड पर लिया और उससे पूछताछ की तो अशोक यादव ने बताया की घटनास्थल पर उसके साथ सिदगोड़ा के बाबूडीह निवासी प्रेम यादव भी मौजूद था प्रेम यादव के पास सिक्सर थी और उसी से उसने घटनास्थल पर हवाई फायरिंग की थी पूछताछ में पता चला कि अशोक यादव ने भी अशोक यादव को गोली मारने से पहले उसे डराने के लिए हवाई फायरिंग की थी इसके बाद सीधे अशोक यादव की सीने में गोली उतार दी थी। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने प्रेम यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि हत्या में प्रयुक्त देशी रिवॉल्वर उसके साथी बाबूडीह लाल भट्ठा निवासी रौशन यादव के पास है। इसके बाद पुलिस ने रौशन यादव को गिरफ्तार किया। उसने बताया कि हथियार को उसने बाबूडीह लाल भट्ठा के ही रहने वाले अंगद मुखी के पास रख दिया है। अंगद मुखी की निशानदेही पर भूईयांडीह डंपिंग यार्ड से हत्या में प्रयुक्त देशी रिवॉल्वर और देशी पिस्टल, दो मैगज़ीन और सात कारतूस बरामद कर लिया गया। देशी पिस्टल और गोली को अशोक की निशानदेही पर स्वर्णरेखा नदी किनारे से बरामद किया गया। पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने से मामला तेजी से आगे बढ़ा है। सिदगोड़ा पुलिस इस हत्या कांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

