रांची : नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया की ओर से 1 अप्रैल 2026 से राष्ट्रीय उच्च पथ पर नई टोल दरें लागू की जाएंगी। इसका सीधा असर नए और विकसित राष्ट्रीय उच्च पथ पर चलने वाले वाहन चालकों पर पड़ेगा, क्योंकि अब उन्हें पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। नई दरें लागू होने के बाद निजी वाहनों से लेकर व्यावसायिक और भारी वाहनों तक सभी श्रेणियों के चालकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। टोल की बढ़ोतरी 31 मार्च 2026 की रात 12:00 बजे से हो जाएगी।
झारखंड में भी एक दर्जन से अधिक टोल प्लाजा पर शुल्क दरों में संशोधन की तैयारी अंतिम चरण में है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों में 5 रुपये से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। खासकर हजारीबाग, रांची, जमशेदपुर, और धनबाद से जुड़े प्रमुख राष्ट्रीय उच्च पथ के टोल प्लाजा पर नई दरें लागू करने की तैयारी चल रही है। संबंधित एजेंसियों के स्तर पर दरों का अंतिम निर्धारण सोमवार तक कर दिया जाएगा।
राज्य में रांची-जमशेदपुर मार्ग, रांची-रामगढ़ मार्ग, धनबाद क्षेत्र और औद्योगिक संपर्क मार्गों पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में शुल्क बढ़ने का असर रोजाना सफर करने वाले निजी वाहन चालकों, बस संचालकों और मालवाहक परिवहन पर साफ दिखाई देगा। परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बढ़ी हुई दरों से माल ढुलाई लागत भी बढ़ेगी, जिसका असर बाजार में कीमतों पर पड़ सकता है। वहीं, 1 अप्रैल से फास्टैग के नियमों में भी तो बदलाव होगा। एनुअल पास भी महंगा होगा। अब 3000 रुपये की जगह 3075 रुपये लिए जाएंगे।
वहीं झारखंड से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए भी सड़क यात्रा महंगी होगी। विशेषकर पटना मार्ग पर चलने वाली कार, बस और भारी वाहनों को बढ़ी हुई दरों का भुगतान करना पड़ेगा। दीदारगंज, रजौली टोल प्लाजा सहित बिहार के कई टोल प्लाजा पर भी नई दरें लागू की जा रही हैं, जिससे अंतरराज्यीय यात्रा का खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है। हर वर्ष अप्रैल महीने से राष्ट्रीय स्तर पर टोल दरों का वार्षिक पुनरीक्षण किया जाता है और इसी प्रक्रिया के तहत इस बार भी नई दरें पूरे देश भर में लागू की जा रही हैं।

