Home » THE PHOTON NEWS Exclusive : JN College : आठ सब्जेक्ट के शिक्षक ही नहीं, कैसे संवरेगा 4894 विद्यार्थियों का भविष्य | Chakradharpur Education Crisis

THE PHOTON NEWS Exclusive : JN College : आठ सब्जेक्ट के शिक्षक ही नहीं, कैसे संवरेगा 4894 विद्यार्थियों का भविष्य | Chakradharpur Education Crisis

Jharkhand Hindi News : पांच सालों से जवाहरलाल नेहरु महाविद्यालय का मुख्य द्वार बंद, पीछे के दरवाजे से होता हैं आना जाना

by Rajeshwar Pandey
Chakradharpur Education Crisis
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

West Singhbhum College : चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अनुमंडल के जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय (JN College) में शिक्षकों की घोर कमी है। मात्र 7 शिक्षकों के भरोसे 4894 विद्यार्थी अपना भविष्य संवार रहे हैं। कॉलेज में फिजिक्स, मैथमेटिक्स, इंग्लिश, उर्दू, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, हो और कुड़माली सब्जेक्ट में शिक्षक नहीं है। इन 8 सब्जेक्ट में शिक्षक नहीं रहने के कारण अध्यनरत विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी हो रही है।

Read Also- Jamshedpur School News : निजी स्कूलाें के सत्र 2026-27 के लिए 11वीं कक्षा में नामांकन प्रक्रिया शुरू, दिसंबर जनवरी में हाेगी प्रवेश परीक्षा

PG Student Problem : पीजी छात्रों को हो रही समस्या

सरकारी डिग्री कॉलेज होने के कारण सुदूरवर्ती क्षेत्र और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी यहां यूजी और पीजी की पढ़ाई करते हैं। लेकिन कॉलेज में शिक्षकों की कमी होने से विद्यार्थियों के पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।

किस वर्ष कितने हुए उत्तीर्ण- यूजी (स्नातक)

सत्रउत्तीर्ण छात्र
2021–225343
2020–214822
2019–205556
20193981

वर्तमान में अध्यनरत इतने छात्र

वर्तमान में 4894 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। पीजी (स्नाकोत्तर) सत्र 2024-26 के हिंदी विषय में 108, इतिहास में 105, इकोनॉमिक्स में 42, पॉलिटिकल साइंस में 59, एकाउंट्स में 56 कुल 370 विद्यार्थी अध्यनरत है। प्रमुख सब्जेक्ट में शिक्षकों की कमी होने से इन सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी हो रही है।

अभी यह हैं स्थिति

जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय में सात रेगुलर शिक्षक और सात नन टीचिंग स्टाफ कार्यरत हैं। इसके अलावा दो वोकेशनल शिक्षक, तीन गेस्ट फैकल्टी शिक्षक, 12 आउटसोर्सिंग स्टाफ है। इनमें डॉक्टर श्रीनिवास कुमार प्रिंसिपल सह हिंदी के शिक्षक हैं। जबकि डॉक्टर हरहर प्रधान व प्रोफेसर संजय कुमार बारिक ओड़िया, प्रोफेसर आदित्य कुमार दर्शनशास्त्र, प्रोफेसर मोहम्मद नज़रुल इस्लाम केमिस्ट्री, प्रोफेसर शाश्वती कुमारी कॉमर्स और प्रोफेसर मरियनला हांसदा इतिहास सब्जेक्ट के शिक्षक है। जबकि पंकज कुमार प्रधान प्रधान लिपिक, काकुली सारंगी अकाउंटेंट, विनोद प्रसाद, सुनील सहर, सीनीकुई हेंब्रम, दीपक कुमार महतो, मंगल नायक आदेशपाल के रूप में कार्यरत है। वोकेशनल टीचर में सुजीत कुमार मिश्रा और एसपी रावत हैं। गेस्ट फैकल्टी शिक्षक में रेणुका मुर्मू, राजेश कुमार यादव और मालती हैं। वहीं आउटसोर्सिंग स्टाफ में कृष्णा बहादुर, सनातन महतो, विकास मंडल, नारायण प्रधान, अशोक कुमार सिंहदेव, सोनी मुखी, पवन महतो, धीरज चौधरी, विजय बहादुर, योगेंद्र मारला, चांदनी महतो, अमर कांडेयांग कार्यरत है।

Read Also- Kolhan University : केयू की एलएलबी प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी, 22 को जारी होगी पहली मेधा सूची, 1 दिसंबर तक होगा दाखिला

वर्ष 1967 में हुई थी स्थापना

पश्चिमी सिंहभूम जिला जिले में चक्रधरपुर शहर शिक्षा और संस्कृति की दृष्टि से अग्रणी रहा है। इस क्षेत्र का गौरव माना जाने वाला जवाहरलाल नेहरु महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1967 में हुई थी। आज यह अपनी पहचान और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। पांच दशक से अधिक पुराना यह कॉलेज हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने वाला प्रमुख संस्थान रहा है। लेकिन विडंबना यह है कि जिस कॉलेज ने इलाके को अनेक विद्वान, शिक्षक, अधिकारी और समाजसेवी दिए, उसी कॉलेज की आज की हालत किसी से छिपी नहीं है।

College Main Gate Closed : पांच साल से बंद पड़ा है कालेज का मेन गेट

कॉलेज का मुख्य द्वार, जो कभी चक्रधरपुर शहर की शान हुआ करता था, अब वह धरोहर जर्जर अवस्था में खड़ा है। सुरक्षा कारणों से करीबन पांच वर्ष पहले बंद कर दिया गया था। उम्मीद थी कि जल्द ही मरम्मत या नया द्वार बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। छात्र-छात्राओं को मजबूरन कॉलेज में आने-जाने के लिए पीछे के रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है। यह रास्ता न तो सुरक्षित है और न ही सुविधाजनक। कॉलेज में पढ़ने आने वाले छात्रों का कहना है कि मुख्य द्वार बंद होने से आने-जाने में असुविधा होती है। कॉलेज परिसर में प्रवेश के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। बुनियादी ढांचे की कमी पढ़ाई के माहौल को प्रभावित कर रही है।

Jharkhand Higher Education : पुनर्निर्माण की उठ रही मांग

सोशल मीडिया और स्थानीय बैठकों में कॉलेज की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि मुख्य द्वार का पुनर्निर्माण कराया जाए। कॉलेज में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई के माहौल पर विशेष ध्यान दिया जाए‌।

शिक्षक व्यवस्था को लेकर लिखे जा रहे बार-बार पत्र

जवाहर लाल नेहरु महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ श्रीनिवास कुमार ने कहा कि महाविद्यालय के मुख्य गेट निर्माण और शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर कई बार विश्वविद्यालय को पत्र लिख चुके हैं। अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। बैठक में भी बातें रख चुके हैं। लगातार प्रयास है कि कॉलेज का मुख्य गेट बने। मात्र 7 शिक्षकों से कॉलेज को संचालित करना काफी कठिन है। इससे पहले भी स्टाफ कमी को लेकर कई बार विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया है।

Read Also- Jharkhand Rail News : झारखंड में ट्रेनों के परिचालन में 10 से 16 तक बदलाव, कई ट्रेन रद्द, जानें क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला

Related Articles