RANCHI (JHARKHAND): झारखंड की जोहार परियोजना ने ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। विश्व बैंक ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे महिलाओं के नेतृत्व में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी महिलाओं के जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि आपका बेटा और भाई हमेशा आपके साथ है।
2017 में शुरू हुई थी योजना
जोहार परियोजना (Jharkhand Opportunities for Harnessing Rural Growth) मई 2017 से जून 2024 तक चली। इसे विश्व बैंक की 70% ऋण सहायता और राज्य सरकार की 30% हिस्सेदारी से संचालित किया गया। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा संचालित इस परियोजना ने 17 जिलों के 68 प्रखंडों में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु वनोपज क्षेत्रों में 2 लाख ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाई। इस योजना के तहत 21 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार किया गया, जिसमें महिलाओं द्वारा गठित 21 एफपीओ का योगदान रहा। विश्व बैंक ने कांके क्षेत्र की आशा देवी और अन्य महिला समूहों की प्रशंसा की, जिन्होंने बाजार की मांग और मुनाफे की गणना सीखकर खुद को आत्मनिर्भर बनाया।
आर्थिक रूप से मजबूत हो रही महिलाएं
जोहार परियोजना के तहत 2.24 लाख उत्पादकों को 3922 उत्पादक समूहों में संगठित किया गया। इन्हें प्रशिक्षित करने के लिए 17 हजार सामुदायिक कैडरों को तैयार किया गया ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और गांव की अर्थव्यवस्था को सशक्त कर सकें जोहार परियोजना आज झारखंड में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी है, जिससे गांवों में नए रोजगार के अवसर सृजित हुए और महिलाओं ने आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया।
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