सेंट्रल डेस्क। JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर झारखंड में बवाल मच गया है। कई छात्र संगठन परीक्षा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। नौबत यहां तक आ गई है कि छात्र JSSC-CGL परीक्षा कैंसिल करने की मांग उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर X पर #Cancel-jssc-cgl खूब ट्रेंड कर रहा है।
शनिवार को छात्रों ने विभिन्न जिलों में मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद आज रविवार को छात्रों ने सोशल मीडिया पर परीक्षा के खिलाफ जमकर ट्वीट्स किए हैं। इस तूल पकड़ते विषय पर कई लोगों ने सीधे झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल कर दिए हैं। छात्रों ने परीक्षा में हुए पेपर लीक और प्रश्नों के रिपिटेशन पर सवाल खड़े किए थे। काफी समय तक जब इस मामले पर कोई नतीजा सामने आता नहीं दिखा, तब इसपर आज छात्र संगठनों ने हंगामा खड़ा कर दिया है। इस डिजिटल प्रोटेस्ट में कई लोग एक क बाद एक जुड़ते चले जा रहे हैं।
एक्स पर लोगों का रिएक्शन
एक यूजर ने लिखा, “छात्रों के भविष्य से खेलना बंद करो।” दूसरे ने सीधे हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए लिखा, “शर्म करो हेमंत सोरेन सरकार, आप खुद आदिवासी होकर यह सब अन्याय देख रहे हैं। इस परीक्षा की सुचिता भंग हुई है इसलिए परीक्षा को रद्द किया जाए तथा पुनः परीक्षा हो।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “@HemantSorenJMM आप राज्य के मुख्यमंत्री होते हुए भी चुप हैं छात्राओं का सवाल है आखिर यह कब तक चलेगा? हमें आप पर विश्वास है। कृपया छात्रों के भविष्य खराब ना करें और उनके हित में निर्णय ले @HemantSorenJMM जी परीक्षा के धांधली को ध्यान में रखते हुए आप #cancel_jssc_cgl को महत्व दें।” एक और यूजर ने इसपर अपना समर्थन देते हुए लिखा, “मेहनत करने वालों को हर बार धोखा क्यों मिलता है? #JSSC CGL पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।”
इसी तरह कई लोगों ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में हुई धांधली पर अपना गुस्सा जाहिर किया है।
21-22 सितंबर को हुई थी परीक्षा
सीजीएल परीक्षा राज्य के 823 केंद्रों पर 21 व 22 सितंबर को आयोजित की गई थी। परीक्षा में 3,04,769 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। एग्जाम खत्म होने के कुछ दिनों बाद परीक्षा में हुई धांधली को लेकर कई जगह छात्रों से आक्रोश दिखाया। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा का पेपर लीक, विभिन्न विषयों के 180 प्रश्न रिपीट करने सहित अन्य गड़बड़ियां हुई है। कुछ कैंडिडेट्स का कहना है कि 22 सितंबर को परीक्षा शुरू होने से पहले ही कई अभ्यर्थियों के पास अंसार शीट उपलब्ध थी। 26 सितंबर को परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स ने जेएसएससी को सबूत सौंपा था। इस पर आयोग द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की थी, जो मामले की जांच कर रही है।

