कंगना रनौत को अपनी अपकमिंग फिल्म ‘इमरजेंसी’ की रिलीज को लेकर लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी यह पॉलिटिकल थ्रिलर ‘इमरजेंसी’ रिलीज के लिए संघर्ष कर रही है। फिल्म पर रिलीज से चार दिन पहले रोक लगा दी गई थी। इसे 6 सितंबर, 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी थी। अब फिल्म को रिलीज करने में हो रही देरी को देखते हुए अब कंगना की परेशानी बढ़ गई है।

कंगना रनौत ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से आग्रह किया है कि उनकी फिल्म ‘इमरजेंसी’ को जल्द से जल्द रिलीज करने की मंजूरी मिले। इस विलंब के चलते फिल्म से जुड़े लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बता दें, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले दिनों सीबीएफसी को 25 सितंबर, 2024 तक ‘इमरजेंसी’ रिलीज पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। इसके बाद कंगना रनौत ने एएनआई से बातचीत में रिलीज में देरी के कारण निर्माताओं और फिल्म से जुड़े लोगों को होने वाले नुकसान की जानकारी दी थी।
उन्होंने कहा, “मैंने यह फिल्म कैसे बनाई यह सिर्फ मैं जानती हूं। मुझे फिल्म इंडस्ट्री से कोई सपोर्ट नहीं मिला। यह बहुत बड़े बजट पर बनी है। मैंने Zee और दूसरे सहयोगियों के साथ मिलकर यह फिल्म बनाई है, और अब रिलीज में हो रही देरी के कारण हर कोई सभी को भारी नुकसान हो रहा है। मुझे लगता है कि सेंसर बोर्ड को इस फिल्म को जल्द से जल्द रिलीज कर देनी चाहिए।”
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की बात करें तो यह एक पॉलिटिकल थ्रिलर है जो कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए 1977 इमरजेंसी के भारतीय इतिहास पर आधारित है। सिख समुदायों ने आपत्ति जताई कि फिल्म ने ऐतिहासिक तथ्यों और कुछ समूह को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। फिल्म में कंगना रनौत ने इंदिरा गांधी का किरदार निभाया है। उन्होंने इस फिल्म में सिर्फ एक्टिंग ही नहीं बल्कि अपनी प्रोडक्शन कंपनी मणिकर्णिका फिल्म्स के तहत प्रोजेक्ट का निर्देशन और निर्माण भी किया है। इमरजेंसी में रनौत के अलावा अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े और दिवंगत सतीश कौशिक भी नजर आने वाले हैं।

