खूंटी : ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के लिए अब गंभीरता नजर आने लगी है। इस सामाजिक कुरीति के खिलाफ खूंटी जिले में अभियान तेज हो गया है। मंगलवार को बिरसा फुटबॉल स्टेडियम में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जहां बच्चों के अधिकार, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से बाल विवाह उन्मूलन का संकल्प लिया।
“बाल विवाह मुक्त रथ” को विधायक ने रवाना किया
विधायक राम सूर्या मुंडा ने जिला उपायुक्त कार्यालय परिसर से “बाल विवाह मुक्त रथ” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह के सामाजिक, स्वास्थ्य और कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराएगा। विशेषज्ञों ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर गहरा असर डालता है, इसलिए समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से जिले में इस कुप्रथा पर ठोस अंकुश लगेगा।
किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं यह कुप्रथा: विधायक
इस अवसर पर विधायक ने कहा कि बिरसा मुंडा की पावन धरती पर बाल विवाह जैसी कुप्रथा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने “बाल विवाह मुक्त जिला खूंटी” के संकल्प को दोहराते हुए समाज के सभी वर्गों से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग का आह्वान किया।
प्रशासन और समाज की संयुक्त पहल
कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन, स्वयंसेवी संस्थाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। उपस्थित लोगों ने बाल विवाह उन्मूलन को लेकर सामूहिक संकल्प लिया। अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता रथ के माध्यम से स्कूलों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बच्चों के अधिकारों पर विशेष जोर
कार्यशाला में बाल संरक्षण कानूनों, शिक्षा के अधिकार और किशोरियों के स्वास्थ्य पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है, इसलिए समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

