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जरूरी है ज्ञानवापी परिसर का सर्वे? जानें क्यों बताया जा रहा है इसे जरूरी?

by Rakesh Pandey
जरूरी है ज्ञानवापी परिसर का सर्वे, ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है, मस्जिद के नीचे मंदिर होने के साक्ष्य की तलाश, रडार प्रौद्योगिकी जीपीआर की मदद से सर्वेक्षण किया जा रहा है, कड़ी सुरक्षा में ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुए सर्वे टीम
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नयी दिल्ली/ जरूरी है ज्ञानवापी परिसर का सर्वे? सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में आखिरकार ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है। इसी बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वैज्ञानिक सर्वेक्षण में इस्तेमाल की जा रही जीपीआर (Ground penetrating radar (GPR) प्रौद्योगिकी बिना तोड़फोड के यह पता लगाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि मस्जिद के नीचे कोई संरचना दबी हुई है या नहीं। जमीन के अंदर की तस्वीर लेने वाली रडार प्रौद्योगिकी जीपीआर की मदद से सर्वेक्षण किया जा रहा है।

मस्जिद के नीचे मंदिर होने के साक्ष्य की तलाश

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एएसआई (ASI) ने सर्वेक्षण के दूसरे दिन ज्ञानवापी परिसर में वैज्ञानिक सर्वेक्षण का काम शुरू किया। ज्ञानवापी परिसर में वैज्ञानिक सर्वेक्षण यह तय करने के लिए किया जा रहा है कि 17वीं शताब्दी में निर्मित इस मस्जिद का निर्माण एक हिंदू मंदिर के ढांचे के ऊपर तो नहीं किया गया है।

जरूरी है ज्ञानवापी परिसर का सर्वे,
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है,

क्या है जीपीआर (GPR) टेक्नोलोजी?, इससे क्या जान सकेंगे?

एएसआई (ASI) के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक बीआर मणि ने कहा कि जीपीआर प्रौद्योगिकी में कुछ विशेष प्रकार के उपकरण शामिल होते हैं। इन उपकरणों को जमीन पर रखा जाता है और विद्युत चुंबकीय तरंगों को जमीन के नीचे उप-सतह स्तर पर भेजा जाता है। ये तरंगें ईंट, रेत, पत्थर और धातुओं जैसी किसी भी चीज के संपर्क में आती हैं।

इन तरंगों को एक ‘मॉनिटर’ पर रिकॉर्ड किया जाता है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ इसका अध्ययन करके पता लगाते हैं कि जमीन के नीचे कुछ ठोस वस्तु मौजूद है या नहीं। मणि ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में जीपीआर सर्वेक्षण से यह साबित हो जायेगा कि मस्जिद के नीचे कोई ढांचा दबा हुआ है या नहीं और अगर है तो वह किस तरह का ढांचा है।

जरूरी है ज्ञानवापी परिसर का सर्वे,
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है,
मस्जिद के नीचे मंदिर होने के साक्ष्य की तलाश,
रडार प्रौद्योगिकी जीपीआर की मदद से सर्वेक्षण किया जा रहा है,
कड़ी सुरक्षा में ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुए सर्वे टीम

जीपीआर Ground penetrating radar (GPR) प्रौद्योगिकी

बिना तोड़फोड के जमीन के नीचे का सर्वेक्षण करने के लिए सबसे अच्छी प्रौद्योगिकी है। इसका उपयोग विशेषज्ञ की देखरेख में ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक वैज्ञानिक सर्वेक्षण में उप-सतह या दबी हुई वस्तुओं या संरचनाओं को समझने के लिए मैग्नेटोमीटर, रेडियोमीटर, फ्लक्सगेट सेंसर और रिमोट सेंसिंग जैसे विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है।

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मस्जिद के नीचे मंदिर होने के साक्ष्य की तलाश,
रडार प्रौद्योगिकी जीपीआर की मदद से सर्वेक्षण किया जा रहा है,
कड़ी सुरक्षा में ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुए सर्वे टीम

कड़ी सुरक्षा में ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुए सर्वे टीम

इलाहाबाद उच्च न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद एएसआई की एक टीम कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार सुबह ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुई थी। सर्वेक्षण कार्य शुरू किया था। शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने भी सर्वेक्षण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

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रडार प्रौद्योगिकी जीपीआर की मदद से सर्वेक्षण किया जा रहा है,
कड़ी सुरक्षा में ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुए सर्वे टीम

हालांकि, प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने एएसआई को सर्वेक्षण के दौरान परिसर में किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था।

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