चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्रा के दौरान सोमवार को चलती ट्रेन में छत्तीसगढ़ के कथावाचक भागवताचार्य श्रीकृष्ण शुभम महाराज की मौत हो गयी। वे चलती ट्रेन में शौचालय के दरवाजे के सामने गिर गए थे. उन्होंने इलाज एक अभाव में ट्रेन में ही दम तोड़ दिया। वे 31 साल के एक युवा कथावाचक के रूप में लोकप्रिय थे। वे छत्तीसगढ़ के राजानंदगांव के रहने वाले थे।
ट्रेन में सफ़र के दौरान हुई मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।बताया जा रहा है कि कथावाचक भागवताचार्य श्रीकृष्ण शुभम महाराज ट्रेन संख्या 18029 एलटीटी शालीमार- कुर्ला एक्सप्रेस में 11 जनवरी 2026 को शाम 5.50 बजे सवार हुए थे। वे पश्चिम बंगाल के शालीमार में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में प्रवचन के लिए जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ उनका सेवादार इंद्रजीत तिवारी भी मौजूद था। ट्रेन जब राउरकेला पहुंची तो वे अपने बर्थ से उठकर शौच के लिए कोच के शौचालय की ओर जा रहे थे।
इससे पहले कि वे शौचालय का दरवाजा खोल पाते, वे शौचालय के दरवाजे के सामने ही बेसुध होकर गिर पड़े। इस दौरान उसका सेवादार भी मौजूद था।अचानक सांस लेने की तकलीफ और सीने में दर्द से वे तड़पने लगे। उनकी अचानक बिगड़ी हालत देख उसके सेवादार इंद्रजीत ने तुरंत इसकी जानकारी ट्रेने में मौजूद टीटीई को दी। टीटीई द्वारा इसकी सूचना चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय कंट्रोल रूम को देते हुए आपातकाल मेडिकल सुविधा की मांग की गयी।
इस दौरान ट्रेन राउरकेला स्टेशन छोड़ चुकी थी। चक्रधरपुर स्टेशन में मेडिकल सुविधा को लेकर रेलवे अस्पताल से डॉक्टर की टीम एम्बुलेंस के साथ चक्रधरपुर स्टेशन में मौजूद थी, लेकिन जब तक ट्रेन चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचती, कथावाचक भागवताचार्य श्रीकृष्ण शुभम महाराज की साँसों की मौत हो चुकी थी।
उनके शरीर में हलचल बंद हो गयी थी। जब ट्रेन चक्रधरपुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-2 पर पहुंची तो कथावाचक भागवताचार्य श्रीकृष्ण शुभम महाराज को स्ट्रेचर से ट्रेन से उतारा गया। यहां डॉक्टरों की टीम ने जांच की तो पता चला कि उनके दिल की धड़कन बंद हो चुकी है। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी द्वारा उनका शव कब्जे में ले लिया गया और जरुरी औपचारिकता पूरी कर उनके शव को चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम के बाद उनका शव रेलवे अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। सेवादार ने बताया कि कथावाचक भागवताचार्य श्रीकृष्ण शुभम महाराज को पहले से ही सांस लेने में समस्या थी। इधर इस घटना के बाद कथावाचक के परिजनों को इसकी सुचना दे दी गयी है, जो सड़क मार्ग के माध्यम से चक्रधरपुर के लिए रवाना हो चुके हैं।

