रांची : रविवार को क्षत्रिय गौरव एकता मंच की ओर से पुराना विधानसभा मैदान,धुर्वा में क्षत्रिय गौरव एकता समागम 2026 महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समुदाय सतयुग,त्रेता और द्वापर युग से लेकर आज तक अस्तित्व में रहा है और आगे भी रहेगा। समाज को मिटाने की कई बार कोशिशें हुईं,लेकिन वह विफल रहीं।
उन्होंने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि भगवान परशुराम ने क्षत्रियों का संहार किया। जबकि ऐसा नहीं है। सच तो यह है कि उन्होंने हैहय वंश के उस राजा को दंडित किया था जिसने उनके पिता की हत्या की थी। उन्होंने पूरे क्षत्रिय समाज को समाप्त करने का प्रयास नहीं किया।
हमें समझने की जरूरत है -हम कौन थे औरआज क्या हो गए
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के आने के बाद भी समाज ने मुगलों सहित कई शक्तियों से संघर्ष किया, लेकिन इतिहास को मिटाने की कोशिशें होती रहीं। आज क्षत्रिय समाज को यह समझने की जरूरत है कि हम कौन थे औरआज क्या हो गए। हमें आपस में उलझने या फिर समस्याओं को नजरअंदाज करने से काम नहीं चलेगा। हमें समाज की समस्याओं को मिलकर दूर करना होगा।
समाज को अपनी भूमिका और मजबूत करने की जरूरत
मौके पर पूर्व सांसद पशुपतिनाथ सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। समाज ने हमेशा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आगे भी राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के आयोजक प्रवीण सिंह ने कहा कि क्षत्रिय समाज से झारखंड में कई लोग आईएएस और आईपीएस बने हैं,लेकिन सबसे अधिक जमीन भी हमारी ही छीनी गई है,जो चिंता का विषय है।
समाज की बेटियों की पढ़ाई के लिए रांची में बनेगा छात्रावास
उन्होंने समाज में शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। कहा कि आज बेटियों को घर से बाहर पढ़ने या रहने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। इसलिए समुदाय की बेटियों के लिए रांची में जल्द एक ऐसे हॉस्टल की स्थापना की जाएगी,जहां उन्हें निःशुल्क रहने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए रांची में जमीन की तलाश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज ऊंच-नीच में बंटा हुआ है, लेकिन इस सोच से दूर होकर सबों की एकजुटता जरूरी है।पूर्व सांसद सुनील सिंह ने कहा कि समाज को एकजुट करने और आपसी संवाद बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह ने कहा कि समाज के आपसी सहयोग से ही सामाजिक विकास संभव है। ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य बृजभूषण शरण सिंह,लवली आनंद,अवधेश नारायण सिंह,पशुपतिनाथ सिंह,गिरिनाथ सिंह,सुनील सिंह,प्रवीण सिंह,संजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

