पलामू । मगही और भोजपुरी भाषा के संरक्षण को लेकर शुक्रवार को जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता के एन त्रिपाठी समेत कई दलों के नेता एवं बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। समाहरणालय के सामने सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में मगही-भोजपुरी भाषा बचाओ अभियान के तहत शुक्रवार को धरना दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा के राज्य सदस्य बिनोद तिवारी ने की, जबकि संचालन अमलेश कुमार चौरसिया और अनुज दुबे ने किया। धरना में शामिल लोगों ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाएं हमारी पहचान और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं, जिन्हें बचाना बेहद जरूरी है।
मगही और भोजपुरी को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा- त्रिपाठी
धरना के दौरान कई नेताओं ने भी अपना समर्थन जताया। पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि मगही और भोजपुरी को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने इसे जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए इसे आंदोलन का रूप देने की बात कही।
कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव रुचिर तिवारी ने भी इस अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि इन भाषाओं का संरक्षण समाज की जिम्मेदारी है। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
धरना के बाद शहर में रैली निकाली
धरना के बाद प्रदर्शनकारियों ने शहर में रैली निकाली। यह रैली कचहरी से शुरू होकर तीनकोनिया गैरेज, कोयल होटल मोड़, पंचमुहान होते हुए छहमुहान तक गई। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से रखा।
मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन की शुरुआत है और आने वाले दिनों में इसे और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने मशाल जुलूस और पुतला दहन जैसे कार्यक्रमों की भी चेतावनी दी। कार्यक्रम में कई सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और शिक्षक मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर क्षेत्रीय भाषाओं को बचाने का संकल्प लिया।
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