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Mauni Amavasya Snan : मौनी अमावस्या के लिए महाकुंभ में भक्तों का रेला, 10 करोड़ श्रद्धालु करेंगे स्नान, प्रशासन-रेलवे तैयार

by Rakesh Pandey
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प्रयागराज : यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान इस साल मौनी अमावस्या के स्नान को लेकर हर जगह हलचल मची हुई है। महाकुंभ, जो आस्था का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है, इस बार रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की मेज़बानी करेगा। मौनी अमावस्या के दिन लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिससे महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या एक नई ऊंचाई पर पहुंचने वाली है। प्रशासन और रेलवे ने श्रद्धालुओं के सही तरीके से स्नान कराने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

25 जनवरी से शुरू हुआ श्रद्धालुओं का आगमन

महाकुंभ में श्रद्धालुओं का आगमन 25 जनवरी से ही शुरू हो गया था और अब हर दिन लगभग एक करोड़ लोग इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। विशेष रूप से मौनी अमावस्या के दिन, जब एक दिन में करीब 10 करोड़ श्रद्धालु के पहुंचने की संभावना है, तब हर व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मेला प्रशासन और रेलवे दोनों ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं।

रेलवे और प्रशासन की विशेष योजनाएं

प्रयागराज रेल मंडल ने इस अवसर पर विशेष प्रबंध किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। ट्रेनें समय पर चल सकें और यात्रियों को पर्याप्त जगह मिले, इसके लिए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या को संभालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने शहर में विभिन्न प्रतिबंध भी लागू किए हैं। यह प्रतिबंध अमावस्या के एक दिन पहले और बाद तक लागू रहेंगे, ताकि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

13 करोड़ श्रद्धालु ने किया स्नान

अब तक, महाकुंभ में त्रिवेणी संगम के तट पर 13 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मौनी अमावस्या का दिन इस महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान पर्व होता है, जब संगम तट पर लाखों श्रद्धालु जुटते हैं। इन श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने स्नान घाट तैयार किए हैं, जहां श्रद्धालु आसानी से नहा सकेंगे। इसके साथ ही, इन घाटों पर नदी में जेटी और मोटरबोट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि लोग सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें।

सुरक्षा और व्यवस्था पर कड़ा ध्यान

महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है। जगह-जगह पुलिस तैनात की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। मेला क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से विभिन्न गाइडलाइंस जारी की गई हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी संकट के अपने धार्मिक कार्यों को संपन्न कर सकें।

विशेष रेल सेवाएं और सुविधाएं

रेलवे ने भी श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त रेल सेवाएं शुरू की हैं। खासतौर पर उन श्रद्धालुओं के लिए, जो लंबी दूरी से आ रहे हैं, रेलवे ने ट्रेनों के कोच बढ़ाने के साथ ही यात्रियों के विश्राम के लिए स्टेशन पर आरामदायक सुविधाओं की व्यवस्था की है। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी और वे आसानी से महाकुंभ स्थल तक पहुंच सकेंगे।


महाकुंभ 2025 के इस साल की मौनी अमावस्या विशेष महत्व रखती है, जब अनुमान है कि 10 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाएंगे। प्रशासन और रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है, ताकि श्रद्धालुओं को इस धार्मिक अनुष्ठान का पूरा लाभ मिल सके और उनकी यात्रा सुरक्षित और सुखद हो। सभी व्यवस्था ठीक ढंग से काम करे, इसके लिए हर विभाग ने अपनी तरफ से कमर कस ली है।

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