शिरडी/कोल्हापुर : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे उनके भाई राहुल गांधी के खिलाफ झूठ फैलाते हुए उन्हें आरक्षण के विरोधी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रियंका ने इस आरोप को आधारहीन बताते हुए कहा कि दोनों नेता राहुल गांधी से डरते हैं क्योंकि वह देश में जातिगत जनगणना करवाना चाहते हैं।
प्रियंका का हमला
प्रियंका गांधी ने शिरडी के अहिल्यानगर जिले में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह झूठ बोलकर राहुल गांधी को आरक्षण के खिलाफ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रियंका ने कहा, “राहुल गांधी ने मणिपुर से लेकर मुंबई तक न्याय यात्रा निकाली, और वे जातिगत जनगणना और आरक्षण की बात करते हैं, लेकिन मोदी और शाह सार्वजनिक मंच से कहते हैं कि राहुल गांधी आरक्षण के खिलाफ हैं।” प्रियंका ने यह भी कहा कि मोदी और शाह यह जानते हैं कि राहुल गांधी का आदिवासी और पिछड़े समुदायों के लिए किया गया संघर्ष उन्हें गहरे तक डराता है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ये दोनों नेता जानबूझकर झूठ फैलाकर राहुल गांधी की छवि को धूमिल करना चाहते हैं।
शिवाजी महाराज के अपमान पर प्रियंका का बयान
प्रियंका गांधी ने महायुति नेताओं पर आरोप लगाया कि वे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सिंधुदुर्ग जिले में स्थापित शिवाजी महाराज की प्रतिमा ढह गई क्योंकि उसके निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ था। यह हमारे महान शासक का अपमान है। अगर आपको उनके नाम का भी इस्तेमाल करना है, तो उनका सम्मान भी करना चाहिए।” प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की आधारशिला रखी थी, लेकिन बाद में उन्होंने इस परियोजना को रोक दिया। उन्होंने मुंबई के पास अरब सागर में प्रस्तावित शिवाजी महाराज के स्मारक की ओर इशारा किया और कहा कि यह परियोजना भी पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
महाराष्ट्र की आर्थिक नीतियों पर प्रियंका का आक्षेप
प्रियंका गांधी ने महाराष्ट्र के लिए केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा हमला किया और आरोप लगाया कि राज्य से 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं हटा ली गईं, जिससे आठ लाख नौकरियों का नुकसान हुआ और 6,000 से अधिक व्यवसाय बंद हो गए। उन्होंने कहा, “यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि महाराष्ट्र कमजोर हो, जबकि वे दावा करते हैं कि राज्य को मजबूत किया जा रहा है।” प्रियंका ने आगे कहा, “महाराष्ट्र के लोग और विशेषकर महिलाएं महंगाई के आतंक का सामना कर रहे हैं। मोदी और शाह की नीतियों ने महंगाई को बढ़ा दिया है, लेकिन ये दोनों नेता इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।”
कांग्रेस के वादों का समर्थन और प्रियंका का आह्वान
प्रियंका ने यह भी कहा कि कांग्रेस अपने चुनावी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “हमने राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और कर्नाटका में किसानों का कर्ज माफ किया। मोदी सरकार ने बड़े उद्योगों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया, लेकिन किसानों की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया।” प्रियंका गांधी ने कांग्रेस की विचारधारा का समर्थन करते हुए कहा, “हमारी पार्टी संविधान की रक्षा करती है, लेकिन यह सरकार संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन कर रही है। महाराष्ट्र में केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके लोकतांत्रिक सरकार को गिराया गया।”
प्रियंका ने कहा-लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में
प्रियंका ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्होंने धनबल और रिश्वतखोरी के जरिए लोकतंत्र को कमजोर किया है। उन्होंने कहा, “क्या संविधान धन-बल के द्वारा सरकारें गिराने की इजाजत देता है?” प्रियंका ने कहा कि भाजपा के पास महाराष्ट्र में सत्ता हथियाने के लिए करोड़ों रुपये हैं, और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। प्रियंका ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों में निरंतर विरोधाभास दिखाने की बात की और कहा, “मोदी के भाषणों में सच्चाई का अभाव है। हम उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री अपने संवैधानिक पदों का आदर करते हुए सच्चाई बोलेंगे और सकारात्मक बातें करेंगे।”

