
चाईबासा : अगर ऑनलाइन खरीदारी में भी आपके साथ कोई धोखा हुआ है तो आप भी उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, सरायकेला-खरसावां ने ऑनलाइन मोबाइल खरीद के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए कंपनी को उपभोक्ता को कुल 42,470 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह, सदस्य प्रदीप कुमार मिश्रा और सदस्य संजू शाही की पीठ ने यह आदेश पारित किया। आयोग ने कंपनी को मूल भुगतान की 2,470 रुपये की राशि लौटाने के साथ मानसिक और आर्थिक परेशानी के लिए 30,000 रुपये और मुकदमा खर्च के लिए 10,000 रुपये देने का निर्देश दिया है और 45 दिनों के भीतर भुगतान करने को कहा है।
भुगतान के बाद भी कंपनी ने नहीं की थी डिलीवरी
यह मामला उपभोक्ता वाद संख्या 1/2026 से जुड़ा है। आदित्यपुर-2, जमशेदपुर निवासी अजीत कुमार सिंह ने ग्रीन वेब सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड, देवास (मध्य प्रदेश) के खिलाफ उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार अजीत कुमार सिंह ने 6 दिसंबर 2025 को कंपनी की वेबसाइट से 2,470 रुपये में मोबाइल फोन ऑर्डर किया था। भुगतान उन्होंने Paytm UPI के जरिए किया था और इसका रेफरेंस नंबर भी शिकायत के साथ दिया था। कंपनी ने सात दिनों में डिलीवरी का वादा किया था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी मोबाइल नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने कई बार कंपनी से संपर्क कर डिलीवरी या पैसे वापस करने की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। 25 फरवरी 2026 तक न तो मोबाइल आया और न ही पैसा लौटाया गया। ई-मेल करने पर भी कंपनी ने कोई उत्तर नहीं दिया।
उपस्थित नहीं हुआ कंपनी का प्रतिनिधि, आयोग ने सुनाया एकतरफा फैसला
सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी को नोटिस भेजा, लेकिन नोटिस मिलने के बावजूद कंपनी आयोग में उपस्थित नहीं हुई। इसके बाद 30 जुलाई 2026 को आयोग ने एकतरफा सुनवाई करने का फैसला लिया। सुनवाई में शिकायतकर्ता ने शपथ-पत्र, भुगतान की रसीद और ई-मेल सहित अन्य दस्तावेज पेश किए। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि रिकॉर्ड से साफ है कि शिकायतकर्ता ने 2,470 रुपये का भुगतान किया, लेकिन कंपनी ने न तो मोबाइल दिया और न ही पैसा लौटाया। कंपनी ने साक्ष्यों का खंडन भी नहीं किया, इसलिए शिकायतकर्ता के दावे पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है।
सेवा में कमी व अनुचित व्यवहार का मामला
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, सरायकेला-खरसावां ने पूरे मामले में कहा कि यह सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का मामला है। आयोग ने यह आदेश दिया कि कंपनी 45 दिनों में कुल 42,470 रुपये का भुगतान करे। भुगतान न करने पर यह राशि विधि सम्मत तरीके से वसूल की जाएगी और उस पर वसूली की तिथि तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

