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ट्रंप के समधी बने मिडिल ईस्ट मामलों के सीनियर एडवाइजर, कौन है मसाद बोलास

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बोलास ने डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन में अनऑफिशियल रूप से बेहद एक्टिव रहे। एक मध्यस्थ के तौर पर बोलास ने ट्रंप के लिए मिशिगन के अरब अमेरिकी और मुस्लिम बहुल इलाकों में खूब समर्थन जुटाए थे।

by Reeta Rai Sagar
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सेंट्रल डेस्क। राजनीति में अपने अपनों को शिखर तक पहुंचाना कोई नई बात नहीं है। इसी कड़ी में नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हुए है। ट्रंप ने अपने समधी मसाद बोलास को अरब और मिडिल ईस्ट मामलों में वरिष्ठ सलाहकार बनाया है।

बोलास, ट्रंप की बेटी टिफनी के ससुर है। ट्रंप ने लेबनानी-अमेरिकी व्यवसायी मसाद बोलास को अरब और मिडिल ईस्ट मामलों में अपना वरिष्ठ सलाहकार चुना है। ट्रंप ने इस बात की सूचना अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के जरिए साझा की। हाल के दिनों में ऐसा दूसरी बार है, जब ट्रंप ने अपने किसी रिश्तेदार को अपनी टीम में शामिल किया है। इससे पहले ट्रंप ने अपनी बेटी इवांका के ससुर चार्ल्स कुशनर को फ्रांस में अगला अमेरिकी राजदूत चुनने की घोषणा की थी।

बोलास एक मंझे हुए वकील व व्यापार की दुनिया में बेहद सम्मानित शख्स हैं

डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी बयान में बोलास के व्यावसायिक अनुभव और अपने प्रेसीडेंशियल इलेक्शन कैंपेन में उनके योगदान की तारीफ की। ट्रंप ने लिखा कि मसाद एक मंझे हुए वकील और व्यापार की दुनिया में बेहद सम्मानित शख्स हैं। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मंचों का व्यापक अनुभव है और वे लंबे समय से रिपब्लिकन और कंजरवेटिव मूल्यों के समर्थक रहे हैं, मेरे कैंपेन में बोलास एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं और अरब अमेरिकी समुदाय के साथ नए गठजोड़ बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

ट्रंप के कैंपेन में अनऑफिशियल रूप से बेहद एक्टिव रहे थे बोलास


बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में बोलास ने डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन में अनऑफिशियल रूप से बेहद एक्टिव रहे। एक मध्यस्थ के तौर पर बोलास ने ट्रंप के लिए मिशिगन के अरब अमेरिकी और मुस्लिम बहुल इलाकों में खूब समर्थन जुटाए। सितंबर में उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान फिलिस्तीनी प्राधिकरण के नेता महमूद अब्बास से मुलाकात की थी। इससे पहले उन्होंने जुलाई में भी अब्बास के लिखे पत्र को ट्रंप तक पहुंचाने का काम किया है।

सीनियर एडवाइजर का पद बोलास के लिए नहीं आसान

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह रोल बोलास के लिए इतना भी आसान नहीं है, क्योंकि इस बीच हमास और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण गाजा में मानवीय संकट और विद्रोही गुटों से जूझने जैसी चुनौतियां सामने हैं। दूसरी ओर 2009 में लेबनान की संसद में सीट मांगने को लेकर उनके संबंधों पर भी विवाद खड़ा हो गया है।

कौन है मसाद बोलास

लेबनान में जन्मे मसाद किशोरावस्था में ही अपने परिवार के साथ टेक्सास आ गए थे और यहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन से लॉ की डिग्री ली। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी नागरिकता हासिल की। मसाद के बेटे माइकल और ट्रंप की बेटी टिफनी की शादी साल 2022 में हुई थी। टिफनी ट्रंप और उनकी दूसरी पत्नी मार्ला की बेटी हैं।

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