सेंट्रल डेस्क : मोदी कैबिनेट द्वारा PAN 2.0 project को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रोजेक्ट पर सरकार का कुल 1,435 करोड़ रुपये खर्च होना है। इस प्रोजेक्ट में पैन कार्ड की प्रोसेस को पूरी तरह से डिजिटल किया जाएगा। पैन कार्ड 2.0 पुराने कार्ड की तरह ही होगा, मगर इसे बनाते हुए सुरक्षा और अधिक जानकारी के लिए एक QR Code भी लगाया गया है।
कैबिनेट ने दी पैन कार्ड 2.0 को मंजूरी
परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन कार्ड इनकम से जुड़ा सबसे जरूरी दस्तावेज है, अब इसी को लेकर भारत सरकार ने कुछ बदलाव किए है। कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है कि पैन कार्ड को अपग्रेड और अपडेट किया जाएगा। अब इसी PAN 2.0 प्रोजेक्ट को सरकार की मंज़ूरी मिल गई है। इस फैसले के बाद जल्द ही हम सबके पास पैन कार्ड का डिजिटल रूप होगा।
क्या पहले से नहीं था डिजिटल पैन कार्ड
ऐसे में लोगों को बहुत सारे भ्रम हो रहे हैं, क्योंकि डिजिलॉकर और उमंग एप पर मिनटों में पैन कार्ड डाउनलोड हो जाता है। साथ ही आधिकारिक WhatsApp नंबर से भी डाउनलोड करने में कुछ सेकंड लगते हैं। दरअसल, यह एप के अंदर एक फ़ीचर है, डिजिटल पैन कार्ड नहीं है। इसका मकसद आपको कहीं से भी एक्सेस करने में आसानी होना है। असल डिजिटल पैन कार्ड PAN 2.0 होगा, जिसमें एक QR code लगा होगा।
क्या है पैन कार्ड 2.0
25 नवंबर, सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने आयकर विभाग के लिए पैन कार्ड 2.0 प्रोजेक्ट को जनता के समक्ष पेश कर दिया। इस प्रोजेक्ट पर 1,435 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इस प्रोजेक्ट में पैन कार्ड की प्रोसेस को पूरी तरह से डिजटल किया जाएगा। QR Code लगे होने के कारण टैक्स अदा करने वालों को आसान एक्सेस, बेहतर सर्विस और क्वालिटी प्रोवाइड की जाएगी।
क्या फायदा होगा
इससे डुप्लीकेट पैन कार्ड बनाकर फर्जीवाड़ा करने वालों पर लगाम लगेगी। आयकर विभाग को भी किसी व्यक्ति या संस्था से जुड़े सभी लेनदेन की निगरानी करने में मदद मिलेगी। अब जानते हैं कि क्या इसमें अलग से कुछ खर्च भी होगा, यदि आप पहली बार पैन कार्ड बनवा रहे हैं तो आपको निर्धारित फ़ीस देनी होगी। लेकिन आपके पास पहले से दस अंकों वाला अल्फान्यूमेरिक पहचान है तो आपको ये मुफ्त में मिलेगा। हालांकि इसकी प्रोसेस को लेकर फिलहाल कोई जानकारी स्पष्ट नहीं की गई है।
QR कोड का काम फीड की गई जानकारियों को स्टोर करने से लेकर पेमेंट करने तक होगा। QR Code में एक बार में 7089 नंबर स्टोर किये जा सकते हैं। कोड को दो तरीके से स्कैन किया जा सकता है, पहला बिलिंग काउंटर पर दिखने वाला लेज़र। दूसरा कैमरा से इंटीग्रेटेड QR रीडर से भी स्कैन किया जा सकेगा।

