रांची। झारखंड में नेशनल हाईवे 75 के कुरु से उदयपुरा तक प्रस्तावित चार लेन सड़क निर्माण के लिए वन भूमि उपयोग की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने लोहरदगा और लातेहार जिले में 72.754 हेक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन को स्वीकृति दी है।
इससे करीब डेढ़ से दो वर्षों से लंबित इस परियोजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। यह मंजूरी वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत प्रथम चरण में दी गई है। परियोजना के तहत कुरु से उदयपुरा तक लगभग 38.6 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण और उन्नयन किया जाएगा। यह हिस्सा लोहरदगा और लातेहार जिले से होकर गुजरता है और रांची से पलामू क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मार्ग का हिस्सा माना जाता है।
रांची–डालटनगंज राष्ट्रीय गलियारे की अहम कड़ी है यह सड़क
यह सड़क रांची–डालटनगंज राष्ट्रीय गलियारे की अहम कड़ी है। इस मार्ग पर लंबे समय से भारी वाहनों का दबाव बना रहता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। चार लेन बनने के बाद यातायात अधिक सुगम होगा और यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के माध्यम से लागू की जाएगी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अंतिम मंजूरी से पहले सभी पर्यावरणीय और कानूनी शर्तों का पालन अनिवार्य होगा। शर्तों के अनुसार प्रतिपूरक वनीकरण कराया जाएगा। पेड़ों की कटाई का खर्च एजेंसी को जमा करना होगा और डायवर्ट की गई वन भूमि का सीमांकन आरसीसी खंभों से किया जाएगा। पूरी अनुपालन रिपोर्ट डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
सड़क के दोनों किनारों पर पौधारोपण भी किया जाएगा और कई वर्षों तक उसकी देखभाल परियोजना एजेंसी को करनी होगी। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पुल-पुलियों का निर्माण ऐसा होगा कि प्राकृतिक जलधाराएं और जानवरों की आवाजाही प्रभावित न हो। पर्यावरणीय शर्तों के पूर्ण पालन के बाद अंतिम मंजूरी मिलेगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
68.13 करोड़ से कटहल मोड़ से दलादली चौक तक सड़क का होगा चौड़ीकरण
पथ निर्माण विभाग ने रांची पथ प्रमंडल अंतर्गत कटहल मोड़ से दलादली चौक (रिंग रोड) तक 2.070 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण कार्य के लिए 68 करोड़ 13 लाख 65 हजार 300 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। विभाग की ओर से इस संबंध में स्वीकृत्यादेश जारी कर दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना में सड़क निर्माण के साथ भूमि अर्जन, प्लांटेशन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और पुनर्वास का कार्य भी शामिल है। विभागीय आदेश के अनुसार निर्माण कार्य पर होने वाला व्यय पथ निर्माण विभाग के निर्धारित बजट मद से किया जाएगा। यानी सड़क चौड़ीकरण के लिए अब नए सिरे से भूमि अधिग्रहण का काम भी होगा।
अब नई फोरलेन के लिए स्वीकृत हुई है योजना
पूर्व में कटहल मोड़ से दलादली चौक तक सड़क चौड़ीकरण की योजना मंजूर की गई थी। उस समय केवल 18 करोड़ रुपये का प्रस्ताव था, लेकिन इंजीनियरों ने प्राक्कलन को अपर्याप्त बताया। लागत बढ़ने के कारण पुरानी योजना रद्द कर दी गई और अब नई फोरलेन सड़क के लिए योजना स्वीकृत की गई है।
परियोजना के तहत 2025-26 वित्तीय वर्ष में 60 प्रतिशत कार्य पूरा करने के लिए 41 करोड़ रुपये, जबकि 2026-27 में शेष 40 प्रतिशत कार्य के लिए 27.13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल रांची होंगे। वहीं मुख्य अभियंता प्रतिमाह कार्य प्रगति की समीक्षा करेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृति में गुणवत्ता नियंत्रण मद शामिल नहीं है, जबकि आकस्मिकता व्यय के उपयोग के लिए अलग अधियाचना देनी होगी।
भारी ट्रैफिक और जाम से मिलेगी राहत
नेशनल हाईवे-23 और इटकी रोड से जुड़ी अरगोड़ा–कटहल मोड़ से दलादली रिंग रोड तक यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है। इस सड़क के दोनों ओर घनी आबादी है और रिंग रोड से जुड़े होने के कारण यहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी मार्ग से कांठीटांड़ और तिलता होकर वाहन एनएच-75 से भी जुड़ते हैं। वर्तमान में सड़क कम चौड़ी होने के कारण कटहल मोड़ पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण से लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

