Jamshedpur : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर का 15वां दीक्षांत समारोह सोमवार को संस्थान परिसर में पहली बार किसी राष्ट्रपति की उपस्थिति में संपन्न हुआ। दीक्सषांत मारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रहीं, जिन्होंने मेधावी छात्रों को डिग्रियां व पदक प्रदान किए और अपने प्रेरणादायी संबोधन से युवा इंजीनियरों में राष्ट्र निर्माण का जज्बा जगाया।
समारोह में राष्ट्रपति ने संस्थान की 65 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि एनआईटी जमशेदपुर विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह मेहनत का फल है, लेकिन अब समय है देश सेवा के नए संकल्प लेने का। छात्रों को ‘नेशन बिल्डर्स’ बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षण संस्थान सिर्फ डिग्री देने की फैक्ट्री नहीं, बल्कि भविष्य की सोच को आकार देने वाली बौद्धिक प्रयोगशालाएं हैं।
संबोधन के दौरान एक मजेदार पल तब आया जब राष्ट्रपति ने कम तालियां सुनकर हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “लगता है बच्चे भूखे हैं, इसलिए जोश कम है। तालियां बजाकर अपना उत्साह दिखाओ।” उन्होंने छात्रों को माता-पिता और गुरुओं के प्रति सदैव आभारी रहने की नसीहत भी दी।
राष्ट्रपति ने एनआईटी के इनक्यूबेशन सेंटर और स्टार्टअप इकोसिस्टम की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सस्टेनेबल एनर्जी, अपशिष्ट प्रबंधन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में बहु-पक्षीय सहयोग की जरूरत है।
स्वामी गोविंद देव और आरके बेहरा को मानद उपाधि
दीक्षांत समारोह में स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज को डॉक्टर ऑफ लिटरेचर और उद्योगपति रबींद्र कुमार बेहरा को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की मानद उपाधि प्रदान की गई।
कृष्णाशीश और प्रियांशु को गोल्ड मेडल, 1114 को उपाधि
एनआईटी के 15वें दीक्षांत समारोह में कुल 1,114 छात्रों को उपाधियां दी गईं, जिनमें 612 ने मंच पर व्यक्तिगत रूप से डिग्री ग्रहण की। इनमें 417 स्नातक, 149 स्नातकोत्तर और 46 पीएचडी शामिल हैं। शैक्षणिक श्रेष्ठता के लिए एमएससी (भौतिकी) के कृष्णाशिष मंडल (9.64 सीजीपीए) और बीटेक (इलेक्ट्रिकल) के प्रियांशु राज (9.52 सीजीपीए) को राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक मिला।

