हेल्थ डेस्क, जमशेदपुर : देशभर के मेडिकल कालेजों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति एक गंभीर समस्या बन गया है। कई बार चेतावनी के बावजूद जब मेडिकल कालेजों (NMC Regulation) में डॉक्टरों के उपस्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ तो अब नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने सख्त कदम उठाया है। इसे लेकर झारखंड के जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. केएन सिंह ने अधीक्षक डॉ. रविंद्र कुमार, उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी सहित सभी विभागाध्यक्ष चिकित्सक, प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, व्याख्याता, वरीय रेजीडेंट, पीजी व जूनियर चिकित्सकों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है।

प्रिंसिपल ने पत्र में क्या लिखा है? (NMC Regulation)
प्रिंसिपल डॉ. केएन सिंह ने पत्र में लिखा है कि एनएमसी द्वारा कॉलेज के सभी स्तर के चिकित्सकों (प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, व्याख्याता, वरीय रेजीडेंट, पीजी व जूनियर) को 75 प्रतिशत बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज करने का निदेश दिया गया है। पूर्व में इसे लेकर कई चिकित्सकों का वेतन भी रोका गया था। विगत कई माह के हाजिरी के अवलोकन से स्पष्ट हुआ है कि बायोमेट्रिक हाजिरी में काफी गिरावट आई है। इस क्रम में अधोहस्ताक्षरी यानी कॉलेज के प्रिंसिपल पर पांच लाख रुपये का दंड का प्रावधान किया गया है। जबकि कालेज पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना किया जाएगा।
दंड की राशि सभी चिकित्सकों की लापरवाही का नतीजा होगा
प्रिंसिपल डॉ. केएन सिंह ने कहा है कि यह दंड की राशि सभी चिकित्सकों की लापरवाही का नतीजा होगा। निदेशानुसार, प्रथम चरण में जिन चिकित्सकों की उपस्थिति दिसंबर माह में 75 प्रतिशत के नीचे है उनका वेतन जनवरी माह में रोका जाएगा।
इन चिकित्सकों को पूर्व में किया गया था शोकॉज
बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर एमजीएम प्रिंसिपल डॉ. केएन सिंह द्वारा पूर्व में 20 चिकित्सकों को शोकॉज किया था। इसमें डॉ. लक्ष्मण लाल, डॉ. एमएम जमाल, डॉ. बी झा, डॉ. हमीद रजा खान, डॉ. योगेश, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. विभास चंद्र, डॉ. सरवर आलम, डॉ. शिव प्रसाद, डॉ. केशव जी, डॉ कुमार नरेंद्र चंद्र, डॉ. रवि वर्मा, डॉ. कपाक मंडल, डॉ. दिव्यांका कुमारी, डॉ. सौम्या झा, डॉ. रीमा कुमारी, डॉ. अमृता सिंह सरदार सहित अन्य का नाम शामिल है।
एनएमसी कर रही कड़ी निगरानी
एनएमसी बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर कड़ी निगरानी कर रही है। एनएमसी की टीम दिल्ली से सीधे चिकित्सकों पर नजर रखती है। इसके लिए एनएमसी ने अपना एक ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसमें देशभर के सभी बायोमेट्रिक मशीन जुड़ी हुई है। एनएमसी द्वारा जहां-जहां बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई है उसके आगे सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। ताकि चिकित्सकों पर 24 घंटे नजर रखीं जा सकें।
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