रांची: अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर रांची के सदर अस्पताल में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें नर्सिंग पेशेवरों की निष्ठा, सेवा और समर्पण को सम्मानित किया गया। सीएस व अन्य पदाधिकारियों नर्स व स्टाफ को शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मानित किया। यह आयोजन नर्सों के अद्वितीय योगदान को मान्यता देने और स्वास्थ्य सेवा में उनकी भूमिका को उजागर करने हेतु आयोजित किया गया था। सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि कोई भी अस्पताल बिना नर्स के नहीं चल सकता। नर्स किसी भी अस्पताल की रीढ़ होती है। भले ही डॉक्टर मरीजों का इलाज करते है। लेकिन नर्स मरीजों के साथ ज्यादा समय व्यतित करती है। दवा देने से लेकर उनका हालचाल भी जानती है।
इमरजेंसी में नर्सों का रोल अहम
सीएस ने कहा कि नर्स आपात स्थिति में अहम रोल निभाती है। फ्लोरेंस नाइटिंगल की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने घायल सैनिकों की सेवा के लिए पूरा जीवन लगा दिया। मरीजों की सेवा भी की। कैंडल जलाकर घायलों का इलाज किया। ऐसा ही हमारे सदर अस्पताल की नर्स भी कर रही है। यहीं वजह है कि सदर हॉस्पिटल को कई अवार्ड मिल रहे है। हमें इसे जारी रखना है और आगे भी ऐसे अवार्ड हम लेते रहेंगे। इसमें सभी का प्रयास जरूरी है।
नर्सों के कारण सदर पहुंचा इस मुकाम पर
वहीं डीएस डॉ बिमलेश सिंह ने कहा कि नर्स ही पूरा हॉस्पिटल संभालती है। उनकी मेहनत से ही सदर हॉस्पिटल आज इस मुकाम पर है। इसे और आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि आज किसी को कोई परेशानी हो तो प्रबंधन उनके लिए 24 घंटे हाजिर है। ज्योति शर्मा ने कहा कि नर्स हमारे स्वास्थ्य सेवा तंत्र की रीढ़ हैं। उनकी सहनशक्ति, दयालुता और निःस्वार्थ सेवा न केवल सम्मान की पात्र हैं, बल्कि उन्हें निरंतर सहयोग भी मिलना चाहिए। इस दौरान सभी को शपथ दिलाई गई। जिसमें नर्सों ने मरीजों की निस्वार्थ सेवा करने का संकल्प लिया।
इनकी रही मौजूदगी
समारोह में सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार, डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ बिमलेश सिंह, डॉ आरके सिंह, डॉ स्टीफन खेस, सोशल एक्टिविस्ट ज्योति शर्मा के अलावा कई अन्य मौजूद थे।

