Noida: नोएडा पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर एक व्यवसायी के घर से पूरे ₹1 करोड़ की नकदी और बेशकीमती आभूषण चुराने का आरोप है। पुलिस ने बुधवार को इस कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपियों के कब्जे से ₹5 लाख नकद, भारी मात्रा में आभूषण, एक चाकू और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है।
नौकर और ड्राइवर की मिलीभगत से ₹1 करोड़ की चोरी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान समरजीत (19 वर्ष), जो कि बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है, और संदीप सिंह (29 वर्ष), जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का निवासी है, के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि समरजीत पीड़ित कारोबारी सौरभ जैन के घर पर ढाई साल तक घरेलू सहायक के तौर पर काम कर चुका था, जबकि संदीप सिंह उनका निजी ड्राइवर था।
यह दुस्साहसिक चोरी नोएडा के पॉश इलाके सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में हुई, जहां कारोबारी सौरभ जैन अपने परिवार के साथ रहते हैं। कुछ सप्ताह पहले, जब जैन का परिवार घर से बाहर गया हुआ था, तभी शातिर आरोपियों में से एक महिला के वेश में घर में दाखिल हुआ और मौका पाकर लॉकर से नकदी और आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया।
मास्टर चाबी बनी चोरी का हथियार
नोएडा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सुमित शुक्ला ने इस चोरी की साजिश का पर्दाफाश करते हुए बताया, “करीब दो महीने पहले सौरभ जैन ने समरजीत को उसके काम से निकाल दिया था। लेकिन, इस दौरान समरजीत ने घर की सभी चाबियों और लॉकर की महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर ली थी। नौकरी से निकाले जाते समय, उसने चुपके से घर की एक मास्टर चाबी चुरा ली थी, जिसकी मदद से घर के सभी दरवाजे आसानी से खोले जा सकते थे।”
पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने इस चोरी की साजिश काफी पहले से ही रच ली थी और मौका मिलते ही घटना को अंजाम देकर फरार हो गए थे। उनकी योजना इतनी सटीक थी कि शुरुआती जांच में किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता का अंदाजा लगाना मुश्किल था।
सीसीटीवी फुटेज से खुली पोल, बिहार में हुई गिरफ्तारी
सेक्टर-39 थाना पुलिस ने बताया कि कारोबारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने इस पूरे मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फुटेज की बारीकी से पड़ताल करने के बाद दोनों आरोपियों की पहचान सुनिश्चित हो सकी। इसके बाद पुलिस टीमों को आरोपियों की धरपकड़ के लिए रवाना किया गया और अंततः उन्हें बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया, जहां वे चोरी के बाद छिपकर रह रहे थे।
बेचना चाहते थे चुराए गए गहने
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे चुराए गए बेशकीमती आभूषणों को बेचने के लिए स्थानीय सुनारों से संपर्क कर रहे थे। फिलहाल, पुलिस अब उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या वे पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं।
नोएडा पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि शहर में सक्रिय अपराधियों पर पुलिस की पैनी नजर है और इस तरह की गंभीर घटनाओं पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना घरेलू सहायकों और ड्राइवरों की नियुक्ति में सावधानी बरतने की भी याद दिलाती है।

