चाईबासा/राउरकेला : झारखंड के बाद अब ओडिशा सरकार और ओडिशा पुलिस ने भी नक्सल विरोधी अभियान को तेज करते हुए सारंडा जंगल और सीमावर्ती बीहड़ इलाकों में इनामी माओवादियों के पोस्टर जारी किए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से आम लोगों से अपील की गई है कि वे सक्रिय नक्सलियों के बारे में सूचना दें और बदले में घोषित इनाम की राशि प्राप्त करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।
सारंडा के बीहड़ इलाकों में लगाए गए बहुभाषी पोस्टर
सूत्रों के अनुसार, ओडिशा पुलिस ने झारखंड-ओडिशा सीमा से सटे सारंडा जंगल के संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सलियों के इनामी पोस्टर लगाए हैं। ये पोस्टर ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी, तीनों भाषाओं में जारी किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसे समझ सकें। पोस्टरों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संपर्क नंबर भी दिए गए हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति सीधे और सुरक्षित तरीके से सूचना साझा कर सके।
एक करोड़ से अधिक के इनाम वाले शीर्ष नक्सली
जारी सूची में माओवादी संगठन के कई शीर्ष और सक्रिय नेताओं के नाम शामिल हैं, जिन पर भारी इनाम घोषित किया गया है। इनमें सबसे अधिक इनामी नक्सली केंद्रीय कमेटी सदस्य हैं
मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सागर दा उर्फ सुनिरमाल उर्फ प्रधान दा – इनाम ₹1 करोड़ 20 लाख
अनल दा उर्फ प्रतिराम माझी उर्फ गोपाल उर्फ रमेश उर्फ तूफान दा – इनाम ₹1 करोड़ 20 लाख
असिम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर उर्फ मनोज उर्फ दीपक – इनाम ₹1 करोड़ 20 लाख
इन तीनों को पूर्वी भारत में माओवादी नेटवर्क के संचालन और विस्तार में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता है।
स्पेशल एरिया कमेटी और रीजनल कमेटी के सदस्य भी सूची में
ओडिशा सरकार द्वारा जारी इनामी सूची में स्पेशल एरिया कमेटी और रीजनल कमेटी के कई सदस्यों को भी शामिल किया गया है-
अनोल दा उर्फ लाल चंद्र हेम्ब्रम उर्फ सुशांत उर्फ समरजी उर्फ गुरुजी – ₹65 लाख
संतोष उर्फ विश्वनाथ उर्फ नराहरि उर्फ दोंगा सत्या गंगाधर राव उर्फ सिलाई उर्फ नरसन्ना – ₹65 लाख
अजय महतो उर्फ मोछू उर्फ टाइगर उर्फ अंजन उर्फ बुधराम – ₹65 लाख
इसके अलावा रीजनल कमेटी के सदस्यों पर ₹43 लाख तक का इनाम घोषित किया गया है, जिनमें भवानी उर्फ सुजाता, राम प्रसाद मरांडी, बेला सरकार, मदन महतो, संतोष महतो, अमित मुंडा और मेहनत उर्फ तुम्बा मुर्मू समेत कई नाम शामिल हैं।
नक्सल नेटवर्क तोड़ने की रणनीति
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सारंडा और आसपास के जंगल अब भी नक्सलियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बने हुए हैं। झारखंड और ओडिशा पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन, पोस्टर अभियान और इनाम की घोषणा का मकसद नक्सलियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना और स्थानीय स्तर पर खुफिया सूचना तंत्र को मजबूत करना है।
आम लोगों से सहयोग की अपील
पोस्टर अभियान के जरिए पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में आम जनता की भूमिका अहम है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और घोषित इनाम की राशि नियमों के तहत प्रदान की जाएगी।

