पटना : बिहार परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के स्मार्ट सिटी घोषित शहरों – पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ में बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाले वाहनों पर अब ऑटोमेटिक चालान की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरों की मदद से की जाएगी, जो अब रियल टाइम में ऐसे वाहनों की पहचान कर चालान जेनरेट करेंगे।

बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाहन चलाना अपराध, ऑटोमेटिक कटेगा ई-चालान
परिवहन विभाग के अनुसार, जिन वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा प्रमाण पत्र अपडेट नहीं है, उनके खिलाफ अब मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 196 के तहत ऑनलाइन ई-चालान जारी किया जाएगा। चालान एक दिन में केवल एक बार ही काटा जाएगा। वाहन स्वामी को एक दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा, ताकि वे समय रहते बीमा अपडेट कर सकें। यदि इस अवधि में भी बीमा नहीं कराया गया, तो दोबारा उल्लंघन पर फिर से ई-चालान जारी किया जाएगा।
सभी टोल प्लाजा पर भी चालान की प्रक्रिया चालू
बिहार के सभी टोल प्लाजा पर पहले से ही ई-डिटेक्शन सिस्टम के माध्यम से थर्ड पार्टी बीमा रहित वाहनों की निगरानी की जा रही है। परिवहन विभाग के अनुसार, इसके अतिरिक्त हैंड हेल्ड डिवाइस के माध्यम से भी ट्रैफिक पुलिस चालान जारी कर रही है।
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील करते हुए कहा कि वे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने वाहनों का बीमा अवश्य कराएं।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्यों है जरूरी
परिवहन विभाग के अनुसार, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कराना सभी वाहन मालिकों के लिए अनिवार्य है। यह बीमा न केवल दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को चिकित्सा सहायता और मुआवजा देने में भी मदद करता है।
यदि कोई वाहन बीमा के बिना दुर्घटना करता है, तो वाहन स्वामी को घायल व्यक्ति के इलाज और मृत्यु की स्थिति में कम से कम ₹5 लाख तक का मुआवजा देना पड़ सकता है। ऐसे में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा की दिशा में एक जरूरी कदम है।
बिहार में परिवहन नियमों का सख्त पालन जरूरी
बिहार परिवहन विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ डिजिटल माध्यमों से सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अब प्रौद्योगिकी की मदद से नियम पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

