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Open Book Examinations : अब सामने किताब रखकर परीक्षा दे सकेंगे सीबीएसई बाेर्ड के छात्र

by The Photon News Desk
Open Book Examinations
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नई दिल्ली/Open Book Examinations : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड (CBSE) बोर्ड परीक्षा पैटर्न काे लेकर बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत बाेर्ड अब क्‍लास 9 से 12 तक के लिए ओपन बुक एग्‍जाम (OBE) ट्रायल करने जा रहा है। यानी की अब छात्र किताब रख कर बाेर्ड परीक्षा दे सकेंगे। इसी साल नवंबर में कक्षा 9 और 10 के लिए अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कक्षा 11 और 12 के लिए अंग्रेजी, गणित और जीवविज्ञान के लिए कुछ स्कूलों में ओपन-बुक टेस्ट कराने की तैयारी है।

इसके तहत स्‍टूडेंट्स को परीक्षा के दौरान अपने नोट्स, किताबें, या कई अन्‍य स्‍टडी मटीरियल साथ ले जाने और उन्हें देखने की अनुमति होती है। CBSE जून तक OBE पायलट के डिजाइन और डेवलेपमेंट को पूरा करने की योजना बना रहा है। यह फॉर्मेट दिल्ली यूनिवर्सिटी से तैयार किया जाएगा। DU ने अगस्त 2020 में कोरोना महामारी के दौरान ओपन बुक टेस्ट की शुरुआत की थी। हालांकि, इससे एजुकेशन कैलेंडर बिगड़ गया था।

यह है तर्क:

बाेर्ड की मानें ताे ऐसा इसलिए किया जात क्योंकि ओपन-बुक एग्‍जाम में स्‍टूडेंट की याद रखने की क्षमता का आकलन नहीं किया जाता, बल्कि किसी सब्‍जेक्‍ट या टॉपिक की समझ और उसके प्रैक्टिकल नॉलेज को परखा जाता है। एग्‍जामिनर उन आंसर्स को नंबर नहीं देते जो किताब से देखकर लिखे गए हों, बल्कि उन आंसर्स को मार्क्‍स दिए जाते हैं, जिसमें स्‍टूडेंट की इंटेलिजेंस दिखाई दे। जैसे- स्टूडेंट अगर नोटबुक में टीचर्स द्वारा लिखाए गए पैरा को ज्यों का त्यों कॉपी करते हैं, तो उन्हें नंबर नहीं मिलेंगे, जबकि उससे आइडिया लेकर अपनी भाषा में उसे बेहतर तरीके से लिखेंगे तो नंबर मिलेंगे।

Open Book Examinations : इसी साल से शुरू होगा OBE

OBE का पहला ट्रायल इसी साल नवंबर-दिसंबर में करने का प्रस्ताव है। इसके बाद बोर्ड यह तय करेगा कि कक्षा 9 से 12 के लिए उसके सभी स्कूलों में इसे लागू करना चाहिए या नहीं। इससे स्‍टूडेंट्स की थिंकिंग स्किल्स, एप्‍लीकेशन, एनालिसिस, क्रिटिकल और क्रि‍एटिव थिंकिंग और प्रॉब्‍लम सॉल्विंग एबिलिटी का टेस्‍ट लिया जाएगा।

हाे चुका है OBE का विरोध:

सीबीएसई जिस ओबीई काे अपनाने जा रहा है उसका विराेध हाे चुका है। DU के स्‍टूडेंट्स ने OBE के खिलाफ इस आधार पर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था कि यह उन लोगों के लिए पक्षपातपूर्ण होगा जिनके पास इंटरनेट और बुनियादी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की पहुंच नहीं है। हालांकि, हाईकोर्ट ने डीयू को फाइनल ईयर के ग्रेजुएट और पोस्‍ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए OBE करने की अनुमति दे दी थी।

साल में दाे बार CBSE लेगा बोर्ड एग्‍जाम:

मालूम हाे कि शैक्षणिक सत्र ए2025-26 से 10वीं, 12वीं के स्टूडेंट्स को साल में दो बार बोर्ड एग्जाम में शामिल होने का ऑप्शन मिलेगा। इसकी घोषणा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 19 फरवरी को की। साथ ही साथ अगस्त 2023 में लाए गए नए करीकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार, स्टूडेंट्स को अच्छा परफॉर्म करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर सुनिश्चित किया जाएगा।

यह बदलाव भी हुआ है:

CBSE ने स्टैंडर्ड स्कूल करिकुलम में फॉर्मल क्रेडिट सिस्टम का प्रपोजल दिया है। फॉर्मल क्रेडिट सिस्‍टम के अनुसार, अब स्‍टूडेंट्स के पढ़ाई के घंटों को क्रेडिट में बदला जाएगा। अभी एक एकेडमिक ईयर में 1200 नेशनल लर्निंग आवर्स (पढ़ने के घंटे) होते हैं। स्‍टूडेंट्स की अटैंड की हुई क्‍लासेज के अनुसार मिले क्रेडिट एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में जुड़ जाएंगे।

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