नई दिल्ली: भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस संयुक्त ऑपरेशन में नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। इसमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदस्सिर अहमद जैसे मोस्ट वांटेड आतंकी शामिल हैं, जो IC814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले में शामिल थे।
प्रेस ब्रीफिंग में डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल एके भारती, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और मेजर जनरल एसएस शारदा ने ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ नरमी नहीं बरतेगा। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 निर्दोष नागरिकों की निर्मम हत्या के जवाब में किया गया।
सेना ने आतंकियों के खाली पड़े शिविरों की तस्वीरें जारी कीं
सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन से पहले और बाद की तस्वीरें साझा कीं। इनसे यह स्पष्ट हुआ कि भारत की कार्रवाई के डर से कई आतंकी शिविर खाली हो गए थे। शिव तांडव स्तोत्र की पृष्ठभूमि में दी गई प्रस्तुति ने संदेश दिया कि यह केवल जवाबी हमला नहीं, बल्कि आतंक के खात्मे का संकल्प है।
एलओसी पर पाकिस्तान की बौखलाहट
ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर जवाबी हमला किया, जिसमें कई गांव, धार्मिक स्थल और निर्दोष नागरिक निशाने पर आए। भारतीय वायुसेना ने आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि नौसेना ने सटीक हथियारों से सहयोग किया। इस दौरान वायुसेना के लड़ाकू विमान लगातार आसमान में तैनात रहे।
डीजीएमओ ने दोहराया कि भारत आतंकवाद को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर का मकसद केवल जवाब देना नहीं, बल्कि आतंकी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।
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