Palamu : झारखंड के पलामू जिले में सोमवार को अंधविश्वास का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बुजुर्ग पच्चू मोची की हत्या की साजिश उनके बेटे और पोते ने मिलकर रची थी। लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह-तेनार निवासी पच्चू मोची (65) की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभी फरार हैं।
पुलिस ने बताया कि पच्चू मोची की हत्या 40 हजार रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी, जिसमें 10 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस ने इस मामले में हत्या में इस्तेमाल खून लगा चाकू, कपड़े समेत अन्य सामान बरामद कर लिए गए हैं।
बताया गया कि 22 दिसंबर को पच्चू मोची मवेशी चराने के लिए घर से करीब तीन किलोमीटर दूर डबरा जंगल गए थे। दो दिन बाद 24 दिसंबर को जंगल से उनका शव बरामद हुआ था। गला रेतकर उनकी हत्या की गई थी। परिजनों द्वारा मामला दर्ज नहीं कराने पर स्थानीय चौकीदार रविन्द्र पासवान के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पच्चू मोची ओझा-गुणी का काम करते थे। तीन महीने पहले उनके 4500 रुपये गायब हो गए थे, जिससे नाराज होकर उन्होंने घर के देवता को कबाड़ में फेंक दिया था। इसके बाद परिवार में बीमारी और मौत की घटनाओं को अंधविश्वास के चलते पच्चू मोची से जोड़ा जाने लगा।
इसी अंधविश्वास के कारण बेटे बबलू मोची और पोते धन्नजय रविदास ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। बबलू ने बाहर से फोन-पे के जरिए पैसे भेजे, जिसे आगे सुपारी देने में इस्तेमाल किया गया। हत्या से एक दिन पहले आरोपित गांव पहुंचे और अगले दिन जंगल में पच्चू मोची को अकेला पाकर चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। बाद में हत्या में इस्तेमाल चाकू के साथ वीडियो भी बनाया गया, जो आरोपितों के मोबाइल से बरामद हुआ है।
एसपी ने बताया कि एक आरोपित के पास से चाकू बरामद किया गया है और फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई में लेस्लीगंज थाना प्रभारी समेत पुलिस टीम के कई अधिकारी और जवान शामिल थे।
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