Palamu (Jharkhand) : झारखंड के पलामू जिले के बर्खास्त अनुसेवकों ने समायोजन की मांग को लेकर शनिवार से पदयात्रा शुरू की। पदयात्रा मेदिनीनगर से रांची तक जाएगी, जहां अनुसेवक मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपकर समायोजन की गुहार लगाएंगे। दरअसल, नियुक्ति विज्ञापन में त्रुटि पाए जाने के बाद उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर झारखंड सरकार ने पलामू के 251 अनुसेवकों को बर्खास्त कर दिया था। इसी के विरोध में अनुसेवकों ने शनिवार को पदयात्रा की शुरुआत की।
पूर्व मंत्री व अन्य ने अनुसेवकों की मांगों का किया समर्थन
पदयात्रा के आरंभ में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, पूर्व मेयर अरुणा शंकर और पूर्व डिप्टी मेयर राकेश सिंह उर्फ मंगल सिंह भी शामिल हुए। सभी ने अनुसेवकों की मांगों को जायज बताते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने इस दौरान अपनी पेंशन राशि से 5 हजार रुपये अनुसेवकों को सहयोग स्वरूप दिए। वहीं, पूर्व उपमहापौर मंगल सिंह ने रांची तक की यात्रा के दौरान जगह-जगह स्वागत और ठहराव की व्यवस्था कराने की बात कही।
विज्ञापन में त्रुटि के लिए राज्य सरकार दोषी : पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी
इस दौरान पर पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने विज्ञापन जारी किया था और परीक्षा लेकर नौकरी भी सरकार ने ही दी। अभ्यर्थियों ने केवल आवेदन किया था। ऐसे में यदि विज्ञापन में त्रुटि थी, तो इसके लिए सरकारी अधिकारी और राज्य सरकार जिम्मेदार हैं, न कि अनुसेवक। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर अनुसेवकों का समायोजन किया जाए।
अनुसेवकों को हटाना न्यायसंगत नहीं : पूर्व मेयर अरुणा शंकर
पूर्व मेयर अरुणा शंकर ने कहा कि लंबे समय तक सेवा लेने के बाद अनुसेवकों को हटाना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने चतुर्थ वर्गीय पदों पर बहाली में अनुसेवकों को प्राथमिकता देने की मांग की। वहीं, पूर्व प्रथम उपमहापौर मंगल सिंह ने कहा कि वे अनुसेवकों के आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं और इन्हें जल्द से जल्द पुनर्बहाल किया जाना चाहिए।
सतबरवा में रात्रि विश्राम
अनुसेवकों ने बताया कि पदयात्रा के पहले दिन सतबरवा में रात्रि विश्राम किया जाएगा। चार जनवरी को सतबरवा से आगे पदयात्रा शुरू होकर लातेहार में रात्रि विश्राम होगा। पांच जनवरी को लातेहार से चंदवा, छह जनवरी को चंदवा से कुड्डू, सात जनवरी को कुड्डू से मांडर और आठ जनवरी को मांडर से रांची पहुंचकर रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा जाएगा।
अबतक केवल आश्वासन ही मिला : अनुसेवक
अनुसेवकों ने कहा कि समायोजन की मांग को लेकर वे कई बार निवेदन, धरना और प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बाद कई अनुसेवकों की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। इलाज के दौरान दो अनुसेवकों की पैसे के अभाव में मौत होने की बात भी कही गई। पदयात्रा में विवेक कुमार शुक्ला, मंदीप कुमार, संजीत कुमार यादव, सुधाकर दुबे, कृष्णा कुमार, विकास कुमार समेत अनेक अनुसेवक शामिल हैं।

